Haryana Pashupalan Schemes: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला अब किसानों की मदद से रुकेगी पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियाँ

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Haryana Pashupalan Schemes: हरियाणा में पधुपालन ग्रामीण इलाके की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी के रूप में है। लेकिन ऐसे में पशुओं से फैलने वाली बीमारियां ग्रामीण इलाके में बड़ी मुसीबत बन जाती है। इसी के CM नायब सैनी सर्कार ने एक नई योजना तैयार की है। Haryana Pashupalan Schemes

सरकार के मुताबिक अगर पशु स्वस्थ रहेगें तो ही उनसे मिलने वाले उत्पाद भी स्वस्थ होंगें। जिसके चलते हिसार के पशुपालक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना काफी सरहानीय है। यहाँ किसानो को आधुनिक पशुपालन के सुरक्षा के गुण सिखाए जाते है।

इन बीमारियों पर सीधा प्रहार Haryana Pashupalan Schemes

Haryana Pashupalan Schemes: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला अब किसानों की मदद से रुकेगी पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियाँ
Haryana Pashupalan Schemes: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला अब किसानों की मदद से रुकेगी पशुओं से इंसानों में फैलने वाली बीमारियाँ

अक्सर गाए गाय, भैंस या बकरी के संपर्क में आने से एंथ्रेक्स जैसी खतरनाख बीमारियां इंसानो को त्वचा के द्वारा हो जाती है। वही कच्चे दूध से ब्रुसेलोसिस और संक्रमित पक्षियों से फैलने वाला बर्ड फ्लू जनस्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। जिसके चलते गाय और भैंसों में होने वाले ब्रूसैला रोग को पूरी तरह से खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसमें किसानों को सिखाया जाएगा कि कैसे बायो-सिक्योरिटी (जैव-सुरक्षा) अपनाकर वे खुद को और अपने परिवार को इन संक्रमणों से बचा सकते हैं।

तकनीक और बीमा का सुरक्षा कवच Haryana Pashupalan Schemes

हरियाणा देश का वह पहला राज्य बन गया है जिसने गाय व भैंसों को मुंह खु’ और गलघोटू जैसे रोगों से बचाने के लिए संयुक्त वैक्सीन का सफल प्रयोग किया है। अब सरकार भारत पशुधन ऐप के जरिए हर पशु की सेहत का डिजिटल रिकॉर्ड रखने जा रही है। पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना को और अधिक सुचारु बनाया गया है।

इसके साथ ही, करनाल के उचानी, महेंद्रगढ़ और अब कैथल के क्योडक में पशु विज्ञान केंद्रों के जरिए देशी नस्लों के सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है।

टोल-फ्री 1962 एक कॉल पर पहुंचेगी अस्पताल वाली वैन Haryana Pashupalan Schemes

पशुपालकों की सुविधा के लिए हिसार में एक हाई-टेक हेल्प सेंटर शुरू किया गया है। अब किसान किसी भी आपात स्थिति या बीमारी की जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1962 डायल कर सकते हैं। सरकार ने 70 मोबाइल पशु चिकित्सा वैन को हरी झंडी दिखाई है, जो सीधे किसान के द्वार पर पहुंचकर बीमार पशु का इलाज करेंगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया कि पशुपालकों का उत्थान और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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