Haryana Roadways : दिसंबर माह में जींद डिपो से बीएस- 6 माडल की पांच बस भिवानी डिपो में भेजे जाने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर बाद रोहतक, भिवानी व कैथल रूट पर यात्रियों को बसों के लिए आधे से पौने घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। जबकि आमतौर पर डिपो से हर 12 से 15 मिनट में बस चलती है। भिवानी भेजे जाने वाली पांच में से तीन बस जींद उपकेंद्र व एक-एक बस नरवाना व सफीदों उपकेंद्र से गई थी। इसके बदले में भिवानी डिपो से कोई बस नहीं मिली है। इसके अलावा पांच से सात बस आमतौर पर बस मरम्मत के लिए खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जींद डिपो में कितनी बसे हैं ? (Haryana Roadways)
जींद डिपो में इस समय बसों की संख्या 165 रह गई हैं, जिसमें किलोमीटर स्कीम की बसों की संख्या 35 है, जबकि पहले बसों की संख्या 170 थी। डिपो की बसों में हर रोज लगभग 15 हजार यात्री सफर करते है, जिससे डिपो को हर रोज लगभग दस लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। परिवहन समिति की बसों में भी बुजुर्ग यात्रियों से पूरा किराया लिया जा रहा है। इसके अलावा छात्राओं के साथ भी परिवहन समिति के चालक व परिचालकों द्वारा बुरा व्यवहार करने की शिकायतें आती रहती हैं। डिपो में पिछले साल अगस्त माह में दस एसी बस आई थी। यात्रियों की संख्या को देखते हुए डिपो में 30 और बसों की जरूरत है। बसों की कमी के चलते खासकर दोपहर बाद रोहतक, कैथल व भिवानी रूट पर यात्रियों को ज्यादा परेशानी होती है। यात्रियों को आधे घंटा से लेकर पौने घंटा तक बसों का इंतजार करना पड़ता है।
यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने का प्रयास (Haryana Roadways)
जींद बस स्टैंड के डीआई सुनिल पूनिया ने कहा है कि दोपहर बाद कालेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपने घर के लिए जाते हैं। इस कारण दोपहर बाद बस स्टैंड परिसर में भीड़ ज्यादा हो जाती है। ग्रामीण रूट पर विद्यार्थियों के लिए विशेष बस चलाई जा रही हैं। इसके अलावा जिस रूट पर भीड़ होती है, उस पर बसों को भेज दिया जाता है। रोडवेज का प्रयास है कि यात्रियो को बेहतर परिवहन सुविधा दी जाए।

