Jind Census 2027 : जनगणना में लगे शिक्षकों को खाली पीरियड में काम करने के लिए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया है। चार्ज अधिकारी कम तहसीलदार अलेवा ने डीसी कार्यालय को पत्र लिखा था कि प्रगणकों व पर्यवेक्षकों द्वारा संदेश प्राप्त हो रहे हैं, कि स्कूल मुखिया स्कूल समय के बाद ही जनगणना कार्य करने के लिए भेजते हैं। जबकि जनगणना का कार्य एक मई से शुरू हो चुका है।
खाली पीरियड में कर सकेंगे जनगणना (Jind Census 2027)
सभी हाउस लिस्टिंग ब्लाक का नजरी नक्शा और मकानों पर संख्या दर्ज करने का कार्य एक सप्ताह में पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन कुछ स्कूल मुखियाओं से सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। साथ ही स्कूल समय में फील्ड में कार्य करने के लिए नियमानुसार छूट प्रदान करने की अनुमति मांगी गई थी। साथ ही स्कूल मुखियाओं को प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को खाली पीरियड में जनगणना का कार्य छूट प्रदान करने की मांग की गई थी। जिसके बाद डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि स्कूल मुखियाओं को जनगणना के राष्ट्रीय महत्व पर संवेदनशील बनाना सुनिश्चित करें।

जिला स्तर की बैठक में दिए गए निर्देश (Jind Census 2027)
जनगणना का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रकिया है। इसलिए सभी स्कूल मुखिया जनगणना में कार्य करने वाले प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के खाली समय (आफ पीरियड) में आवश्यक छूट दें। जहां तक जरूरत पड़े, तो समय सारणी भी उसी हिसाब से बनाएं, जिससे छात्रों की भी पढ़ाई प्रभावित नहीं हो व जनगणना का कार्य भी समय पर पूरा हो सके। जिला स्तर की सभी बैठकों में इस विषय पर अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है। अगर कोई स्कूल मुखिया जनगणना कार्य के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सहयोग नहीं कर रहा है, तो मुखिया का नाम, स्कूल का नाम व पद विवरण सहित कार्यालय में भिजवाने के आदेश दिए हैं।
ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेने वाले 10 शिक्षकों ने रखा पक्ष (Jind Census 2027)
जनगणना की ट्रेनिंग से अनुपस्थित रहने शिक्षकों को डीसी की तरफ से कारण बताओ नाेटिस जारी किए गए थे। 10 शिक्षकों की तरफ से दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं थे। कार्रवाई से पहले इन शिक्षकों अपना पक्ष रखने का मौका देते हुए शुक्रवार को डीसी कार्यालय में दस्तावेजों सहित बुलाया गया। सभी ने ट्रेनिंग से अनुपस्थित रहने के जो कारण दिए, वे सही पाए गए। जिसके चलते किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। बुढ़ाखेड़ा लाठर गांव के राजकीय स्कूल के शिक्षक की ड्यूटी 20 अप्रैल को जनगणना में लगाई गई थी। जबकि उससे पहले ही 18 अप्रैल को स्कूल मुखिया ने उसका अवकाश स्वीकार किया था। एक शिक्षक की जनगणना में ड्यूटी 15 अप्रैल को लगी। जबकि वह हड्डी में फ्रेक्चर की वजह से अवकाश पर था। एक शिक्षिका मातृत्व अवकाश पर होने के कारण ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो सकी। एक शिक्षिका बेटे की शादी की वजह से ट्रेनिंग में शामिल नहीं हो पाई। बाद में उसने ड्यूटी ज्वाइन करते हुए जनगणना का कार्य शुरू कर दिया था।

