Haryana Weather: हरियाणा में मौसम बदलाव की शुरुआत फरवरी से ही हो चुकी है है। फरवरी की शुरुआत में ही 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी और अब 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
जिसके चलते दिन में ठंड का असर पहले से काफी कम हो गया है। हालाकिं सुबह के समय हलकी धुंध के साथ थोड़ी ठंड है लेकिन अभी मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 4 दिन तक मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन इसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी तापमान में हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी तापमान करीब 6 से 12 डिग्री के तक दर्ज किया गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फसल की विशेष देखरेख की जरुरत है।
हरियाणा में मौसम का बदलता रुख Haryana Weather
हरियाणा मौसम अपडेट के अनुसार राज्य में सर्दी धीरे धीर कम हो रही है और दिन में धूप लोगों को राहत दे रही है। हालांकि सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस की जा रही है। लेकिन इतनी ज्यादा भी सर्दी नहीं है। अंबाला में सुबह के समय मौसम साफ है और धुप निकल रही है। मौसम विभाग के अनुसार अब हर दिन तापमान में बढ़ोतरी ही दर्ज की जाएगी। जिससे लोगों को ठंड़ से रहत मिलेगी। जिसके चलते मौसम पहले से ज्यादा आरामदायक है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक तापमान और ताजा आंकड़े महेंद्रगढ़ में न्यूनतम तापमान करीब 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है वही फरीदाबाद में अधिकतम तापमान लगभग 24.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा गया है , सुबह के समय राज्य का औसत तापमान करीब 11 डिग्री के आसपास रहा जिससे ज्यादा ठंड महसूस नहीं हुई अंबाला में सुबह का तापमान लगभग 12 डिग्री दर्ज हुआ जो सबसे गर्म रहा। अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।Haryana Weather
पश्चिमी विक्षोभ का असर Haryana Weather
कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 10 फरवरी तक दो पश्चिमी विक्षोभों का आंशिक प्रभाव बना रह सकता है। इससे मौसम में हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिलेगा। बादल रहने के कारण हलकी ठंड रह सकती है लेकिन ज्यादा फर्क इससे नहीं पड़ेगा। सुबह के समय धुंध बनी रह सकती है और दिन में धूप और हल्की गर्माहट रहेगी जबकि रात के समय हल्की ठंड महसूस होगी यह बदलाव सर्दी के धीरे धीरे खत्म होने का संकेत माना जा रहा है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानो के लिए भी जरुरी सलाह दी है कि गेहूं, सरसों और चना की फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में होती है, इसलिए सावधानी जरूरी है। कोई भी रोग आने की स्थिति में सही दवा का प्रयोग करें एवं अच्छे कृषि जानकार से इस बारे में सलाह लें। इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए गए है जैसे जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें, और सरसों की फसल में कीट और रोग की निगरानी रखें मौसम साफ रहने पर दवा का छिड़काव करें।

