Haryana Weather: हरियाणा में लगातार मौसम अपने रंग बदल रहा है कभी गर्मी तो कभी फिर सर्दी का मौसम हो रहा है जिसके चलते कभी तापमान सामन्य से अधिक तो कभी समान्य से कम हो रहा है। ऐसे में कभी तो ताप्ती धुप आ रही है तो कभी एकदम से बदल छा रहे है। मार्च के शुरू से मध्य तक तेज धुप से तापमान में वृद्धि रही है जबकि अब मध्य के बाद से बारिश और बदल के चलते तापमान में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। Haryana Weather
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के मुताबिक इस सप्ताह में फिर से दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे है। जिनका असर फसलों पर देखने को मिलेगा।
26 और 27 मार्च: धूल भरी हवाओं के साथ बौछारें Haryana Weather

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आज रात से ही पहला पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखेगा जिसके चलते 26 और 27 मार्च को हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
विशेषकर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत और सोनीपत जैसे बेल्ट में कल बारिश की गतिविधियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। 27 मार्च को कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के बाद आसमान साफ होने की उम्मीद है।
30-31 मार्च को दूसरी लहर की संभावना Haryana Weather
इसके बाद करीब 29 मार्च रात के समय भी काफी ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ शुरू होगा जिसके चलते 30 और 31 मार्च को देश के अलग अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। इससे गर्मी से तो राहत मिलेगी ही साथ ही गेहू की फसल की कटाई भी लेट हो सकती है।
धूप और छांव का खेल
पिछले 24 घंटों की बात करें तो हरियाणा में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे। अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल देखा गया। महेंद्रगढ़, भिवानी और हिसार जैसे जिलों में पारा 31 से 33 डिग्री के बीच झूल रहा था। न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट आई है। Haryana Weather
गुरुग्राम में रात का पारा सबसे कम 14.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बाकी जिलों में यह 15 से 18 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कल से शुरू होने वाली बारिश और बादलों की आवाजाही दिन के तापमान को एक बार फिर नीचे खींच लाएगी।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए अपनी कटी हुई फसल या मंडियों में पड़े अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं के साथ बारिश होने की स्थिति में खड़ी फसलों के गिरने का डर रहता है, इसलिए सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को फिलहाल टाल देना ही बेहतर होगा।

