Haryana Weather: हरियाणा में अब फिर से मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा है जिसके चलते इस चिलचिलाती धुप से एक बार फिर से राहत मिलने वाली है। अब नए सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है। जिसके चलते मौसम विभाग की और से सभी जिलों के लिए मौसम अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलेगी और गरज-चमक के साथ बारिश होगी। Haryana Weather
बीती रात से ही इसकी आहट सुनाई देने लगी थी। हिसार में जहां देर रात तेज बौछारें पड़ीं, वहीं सिरसा और फतेहाबाद के इलाकों में आधी रात के बाद चली तेज आंधी ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है।
ओलावृष्टि का दक्षिण हरियाणा पर ज्यादा साया Haryana Weather

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बारिश का ज्यादा असर दक्षिण हरियाणा में देखने को मिलेगा। यहाँ तेज बारिश के साथ ही ओले गिरने की भी संभावना जताई जा रही है। जिसके चलते 3 और 4 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अपने चरम पर होगा। और मौसम भी काफी कड़वाहट लेगा।
किसान भाइयों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि खेतों में इस समय गेहूं और सरसों की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। ऐसे में तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों के बिछने और दाने खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
आने वाले दिनों में कब मिलेगी राहत Haryana Weather
मौसम के इस उतार-चढ़ाव को लेकर विभाग ने अगले एक हफ्ते के बारे में कुछ इस प्रकार जानकारी दी है इसमें 4 अप्रैल को उत्तरी और पश्चिमी जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक जारी रहेगी। दिन के पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद 5-6 अप्रैल को मौसम थोड़ा शांत होने लगेगा।
बादल छाए रहेंगे लेकिन भारी बारिश की उम्मीद कम है। फिर 7-8 अप्रैल को एक और मौसमी सिस्टम दस्तक दे सकता है, जिससे दोबारा बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके उपरांत 9 अप्रैल को गर्मी फिर जोर पकड़ेगी। तापमान उछाल मारकर 37 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
प्रदूषण के स्तर में सुधार, पर हवा अब भी मध्यम
बारिश और हवाओं के चलने से हरियाणा के शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी बदलाव देखा गया है। कल सुबह फरीदाबाद का करीब AQI 161 और गुरुग्राम का 165 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। वहीं अंबाला की हवा काफी साफ रही, जहां इंडेक्स महज 91 पर सिमट गया। दिल्ली के मुकाबले हरियाणा के औद्योगिक शहरों में प्रदूषण का स्तर लगभग बराबर बना हुआ है।

