Hisar Ring Road update : हरियाणा के हिसार जिले के रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर नई जानकारी सामने आई है। जमीन के कलेक्टर रेट में प्रस्तावित बढ़ोतरी और डिजाइन में किए गए बदलावों के कारण परियोजना की लागत में बड़ा इजाफा हुआ है। जून 2025 में जिस परियोजना का अनुमानित खर्च करीब 1900 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर लगभग 3400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
बता दें कि हिसार रिंग रोड की लंबाई भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई गई है। पहले इसे 25.3 किलोमीटर प्रस्तावित किया गया था, बाद में 38.4 किलोमीटर किया गया और अब अंतिम डीपीआर 41 किलोमीटर के हिसाब से तैयार की गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने संशोधित डीपीआर अपने मुख्यालय भेज दी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि मार्च के अंत तक इसे अंतिम मंजूरी मिल सकती है।
Hisar Ring Road map : भूमि अधिग्रहण बना सबसे बड़ा खर्च
परियोजना की लागत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह भूमि अधिग्रहण को माना जा रहा है। रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग 667 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जानी है। कलेक्टर रेट बढ़ने के प्रस्ताव के चलते केवल जमीन अधिग्रहण पर ही करीब 2500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि निर्माण कार्य पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रस्तावित रिंग रोड मुकलान से शुरू होकर तलवंडी राणा के पास चंडीगढ़ हाईवे से जुड़ेगा। इसके निर्माण से सिरसा रोड, राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड और चंडीगढ़ रोड के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी। भारी वाहनों को शहर के भीतर से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे हिसार में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में लगभग 70 प्रतिशत तक कमी आने की संभावना है।
Hisar Ring Road: 20 से अधिक गांवों को मिलेगा सीधा फायदा
यह रिंग रोड परियोजना ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकती है। भगाना, लाडवा, कैमरी, मिर्जापुर, नियाणा, धान्सू, गंगवा और तलवंडी राणा समेत 20 से ज्यादा गांवों को राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधा संपर्क मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली रोड और चंडीगढ़ रोड के बीच प्रभावी वैकल्पिक मार्ग की कमी है, जिसे यह परियोजना पूरा करेगी।
Hisar Ring Road : मार्च तक अंतिम मंजूरी की उम्मीद
हाल ही में एनएचएआई अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। अतिरिक्त फ्लाईओवर और बढ़े हुए कलेक्टर रेट को ध्यान में रखते हुए संशोधित डीपीआर भेजी गई है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर विपिन मंगला के मुताबिक, केंद्र सरकार से मार्च के अंत तक मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य को तेजी से शुरू किया जाएगा। रिंग रोड बनने के बाद हिसार में ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा, कनेक्टिविटी मजबूत होगी और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

