Hydrogen train update : हाइड्रोजन ट्रेन के पांच बार परफार्मेंस ट्रायल क बाद मेंटेनेंस के लिए ट्रेन को दिल्ली शकूरबस्ती भेजा गया है। यहां ट्रायल के दौरान ट्रेन में आई ब्रेक सहित अन्य चीजों की खामियों की जांच की गई जाएगी। परफार्मेंस ट्रायल सफल रहने के बाद ट्रेन की सुरक्षा बारीकियों की जांच के सीआरएस (चीफ कमिशनर आफ रेलवे सेफ्टी) टीम जांच करेगी।
सोनीपत से जींद के कितने चक्कर लगे ? (Hydrogen train update)
सीआरएस की जांच से पहले परफार्मेंस ट्रायल में आई खामियों को दूर किया जाएगा। बता दें कि 16 से 27 मार्च तक हाइड्रोजन ट्रेन का जींद से सोनीपत ट्रैक पर परफार्मेंस ट्रायल किया गया था। इस दौरान दो बार जींद से सोनीपत रूट पर ट्रेन का एक चक्कर लगवाया गया था, जबकि तीन बार जींद से सोनीपत रूट पर दो-दो चक्कर लगवाए गए थे। इस दौरान ट्रेन को पैसेंजर ट्रेन की तरह हर स्टेशन पर एक से दो मिनट तक रोका गया था।

जींद से सोनीपत रूट पर तीन बार परफार्मेंस ट्रायल (Hydrogen train update)
हर जंक्शन पर ट्रेन को रोकने का मुख्य उद्देश्य इंजन में गैस की खपत, ब्रेक सिस्टम सहित अन्य चीजों को परखना था। बता दें कि 27 मार्च को हाइड्रोजन ट्रेन का पांचवां परफार्मेंस ट्रायल हुआ था। इससे पहले 26 मार्च को ट्रायल किया गया था। वहीं 16 से लेकर 20 मार्च तक ट्रेन का जींद से सोनीपत रूट पर तीन बार परफार्मेंस ट्रायल किया गया था। 16 और 18 मार्च को ट्रेन को जींद-सोनीपत रूट पर दो बार दौड़ाया गया था। वहीं 20 मार्च को हाइड्रोजन ट्रेन का केवल एक चक्कर लगवाया गया था।
पहले सात मार्च को ट्रेन को मेनटेनेंस के लिए भेजा गया था दिल्ली (Hydrogen train update)
इससे पहले भी तकनीकी सुधार व मेनटेंनस के लिए हाइड्रोजन ट्रेन काे सात मार्च को दिल्ली शकूरबस्ती भेजा गया था। उस समय डीजल इंजन की सहायता से ट्रेन को दिल्ली ले जाया गया था। फरवरी माह में भी हाइड्रोजन ट्रेन की रनिंग ट्रायल 25 से लेकर 28 फरवरी तक हुई थी।

