Success Story : प्रतिभा किसी उच्च डिग्री की मोहताज नहीं है, बल्कि अगर जज्बा व जुनून हो, तो वह अपना करतब दिखा ही देती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गांव खरल के युवक गुरदीप सिंह ने, जिन्होंने अपने आठ साल के जमीनी अनुभव से दूध व्यापार एप बनाया है। गुरदीप एक ऐसे युवा उद्यमी हैं, जिसने अपनी 12वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है, लेकिन जिंदगी और व्यवसाय की असली सीख उन्हें किताबों से नहीं, बल्कि दूध व्यवसाय के जमीनी अनुभव से मिली। उन्होंने दूध विक्रेता के रूप में जमीनी स्तर पर काम करते हुए दूध व्यापार से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं को बहुत करीब से देखा।
डिजिटल तरीके से दूध का व्यापार (Success Story)
गुरदीप ने बताया कि दूध बेचने वाले, दूध खरीदने वाले, डेयरी मालिक और कलेक्शन सेंटर आज भी कई जगहों पर पुराने तरीके से काम करते हैं। दूध की एंट्री, ग्राहक का हिसाब, बिल, भुगतान और बकाया सब कुछ अक्सर कापी, रजिस्टर या याददाश्त के भरोसे चलता है। जिससे गलती, विवाद और समय की बर्बादी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन बातों को समझते हुए गुरदीप ने दूध व्यापार एप की शुरुआत की। यह एक ऐसा मोबाइल एप है,जो दूध विक्रेताओं और डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपना पूरा हिसाब-किताब डिजिटल तरीके से संभालने में मदद करता है। गुरदीप बताते है यह एप दूध व्यवसाय के लिए बनाया गया एक डिजिटल समाधान है। जिसका उद्देश्य है, जो काम पहले रजिस्टर में हाथ से लिखा जाता था, वही काम अब मोबाइल में तेज, साफ और सुरक्षित तरीके से हो सके।

एप से मिलने वाली सुविधाएं (Success Story)
दूध व्यापार एप से दूध विक्रेता रोजाना ग्राहक के हिसाब से दूध की मात्रा दर्ज कर सकते हैं। महीने या तय समय के हिसाब से ग्राहक का दूध बिल आसानी से बनाया जा सकता है। किस ग्राहक ने कितना भुगतान किया और कितना बकाया है, यह एप में साफ दिखता है। दूध विक्रेता चाहें, तो बिल या पर्ची प्रिंट करके ग्राहक को दे सकते हैं। यह एप ऐसे लोगों के लिए बनाया गया है, जो तकनीक में बहुत ज्यादा एक्सपर्ट नहीं हैं, इसलिए इसका उपयोग भी आसान रखा गया है।
दूध विक्रेताओंं को मिलेगा विवाद से छुटकारा (Success Story)
गुरदीप ने बताया, आठ साल तक दूध व्यवसाय में ग्राउंड स्तर पर काम किया है। जिससे जाना कि दूध विक्रेताओं को रोज़ाना हिसाब रखने में कितनी परेशानी होती है। कई बार छोटी गलती से बड़ा विवाद हो जाता है। लेकिन इस एप से दूध विक्रेता अपनी मेहनत का सही हिसाब रख सकेंगे, समय भी बच जाएगा और वे अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से बढ़ा सकेंगे। सबसे बढ़कर इस एप से संभावित विवाद की भी गुंजाइश नहीं रहेगी।

