Jind third eyes Closed : आज डिजिटल युग में तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों का महत्व बढ़ गया है। नागरिक अस्पताल की तीसरी आंख काफी दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में यदि कोई वारदात हो जाए तो कैमरों में कुछ रिकार्ड नहीं होगा। वैसे भी नागरिक अस्पताल में पर्स चोरी व बाइक चाेरी की काफी वारदात होती रहती हैं। बाइक चोरी तो आम बात है। ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। अस्पताल में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, उनकी देखरेख का कार्य ग्लोबस इन्फोकोम लिमिटेड करती है। इस कंपनी को स्वास्थ्य विभाग ने कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आ रहा है। ऐसे में अभी तक तो यह भी पता नहीं कि यह कैमरे कब ठीक होंगे।
कैसी है थर्ड आई नागरिक हस्पताल में ? (Jind third eyes Closed)
नागरिक अस्पताल में सुरक्षा दृष्टि से जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों पर नजर रखने के लिए डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला के कमरे में स्क्रीन लगाई गई हैं। जब भी कोई वारदात होती है तो इन कैमरों के माध्यम से सीसीटीवी फुटेज को देखा जाता है। इसके लिए स्पेशल कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। पिछले कई दिनों से यह कैमरे बंद हैं। यह कैमरे तो नागरिक अस्पताल के हैं लेकिन इनके रखरखाव का ठेका ग्लोबस इन्फोकोम लिमिटेड को दिया गया है। प्रधान चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की तरफ से लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नही हो रही है। फिलहाल यह कैमरे पूरी तरह से बंद हैं।

बाइक चोरी की हो चुकी हैं कई वारदात (Jind third eyes Closed)
नागरिक अस्पताल में वाहन चोरी होना तो आम बात है। इसके अलावा दवा व ओपीडी पर्ची के लिए लगी लाइनों में कई बार जेब तराश वारदात को अंजाम दे देते हैं। साथ ही ठेके पर लगे कर्मियों व आउटसोर्स कर्मियों पर नजर रखने के लिए भी कैमरों का प्रयोग किया जाता है। जब भी अस्पताल में कोई वारदात होती है तो सबसे पहले कैमरों को ही खंगालने का काम किया जाता है। अब जब कैमरे खराब हैं, तो चोरों को पकड़ने के लिए लगाए गए यह कैमरे किसी के काम के नही रहे हैं। नागरिक अस्पताल से हर महीने औसतन दो-तीन बाइक चोरी हो जाती हैं।
कैमरों को सुचारू रूप से चलाने के लिए वैकल्पिक प्रबंध (Jind third eyes Closed)
जींद नागरिक हस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ राजेश भोला ने कहा है कि, मामला उनके संज्ञान में है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर संबंधित फर्म व संबंधित अधिकारी से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अभी तक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। कैमरों को सुचारू रूप से चलाने के लिए वैकल्पिक प्रबंध किया जा रहा है

