Mustard Prices Haryana: सरसों की कीमतों में जबरदस्त उछाल, MSP को पीछे छोड़ 7015 रुपये तक पहुंची बोली

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Mustard Prices Haryana: हरियाणा में सरसों की फसल पककर तैयार हो चुकी है जिसके चलते मंडी में भी 28  मार्च से लेकर सरकारी खरीद शुरू कर दी जा चुकी है लेकिन बाजार में चला रहे सरसों के दामों ने सभी को चौका दिया है। हालाँकि अब से पहले हर बार किसान फसल को सरकारी मूल्य पर बेचने के लिए लाइन में लगते है। लेकिन इस बार सरसों के रेट मंडी में MSP से कही ज्यादा मिल रहे है। जिसके चलते किसानो के चेहरे भी खिल उठे है।

गोहाना मंडी में बना नया कीर्तिमान Mustard Prices Haryana

Mustard Prices Haryana: सरसों की कीमतों में जबरदस्त उछाल, MSP को पीछे छोड़ 7015 रुपये तक पहुंची बोली
Mustard Prices Haryana: सरसों की कीमतों में जबरदस्त उछाल, MSP को पीछे छोड़ 7015 रुपये तक पहुंची बोली

अभी सोनीपत जिले की गोहाना मंडी की बात करें तो जहां सोमवार को बोली के दौरान एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया गया। यहाँ गांव तिहाड़ मलिक के रहने वाले किसान विकास मलिक की सरसों की फसल 7,015 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिकी। यह इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा भाव माना जा रहा है। Mustard Prices Haryana

जब किसान विकास से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि फसल की बेहतर गुणवत्ता और सही देखरेख का फल उन्हें मिला है। उन्होंने अपनी फसल को पूरी तरह सुखाकर और साफ करके मंडी पहुँचाया था, जिसके कारण प्राइवेट एजेंसियों ने इसमें खासी दिलचस्पी दिखाई।

सरकारी रेट से 500 से 800 रुपए ज्यादा का मुनाफा Mustard Prices Haryana

केंद्र सरकार ने इस साल सरसों के लिए 5,650 रुपए प्रति क्विंटल का MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) तय किया है, लेकिन हरियाणा की अधिकतर मंडियों में नजारा कुछ और ही है। प्राइवेट बोली के दौरान भाव लगातार 6,200 से लेकर 7,000 रुपए के बीच झूल रहे हैं। Mustard Prices Haryana

गोहाना मंडी के अधिकारियों के अनुसार, अच्छी किस्म की सरसों औसतन MSP से 300 से 500 रुपए प्रति क्विंटल महंगी बिक रही है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में खाद्य तेलों की मांग और स्टॉक की स्थिति को देखते हुए प्राइवेट कंपनियां पहले ही माल स्टॉक करने की होड़ में हैं।

किसानों के लिए मंडी सचिव की सलाह

गोहाना मार्केट कमेटी के सचिव ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई का पूरा मोल पाने के लिए फसल की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि जो किसान सरसों को अच्छी तरह सुखाकर मंडी ला रहे हैं, उन्हें प्राइवेट खरीदार हाथों-हाथ ऊंचे दामों पर ले रहे हैं। नमी वाली फसल होने पर भाव में गिरावट की संभावना रहती है, इसलिए फसल की सुखावट बहुत जरूरी है।

मंडियों में व्यवस्था चाक-चौबंद

किसानों की बढ़ती आवक को देखते हुए मंडियों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। प्रशासन का दावा है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। अटल कैंटीन किसानों और मजदूरों के लिए मात्र 10 रुपए में भरपेट पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। Mustard Prices Haryana

बुनियादी सुविधाएं मंडी परिसर में पीने के साफ पानी, बिजली और पक्की सड़कों का इंतजाम है ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉली लाने में परेशानी न हो। सफाई व्यवस्था: फसल की ढेरी लगाने के लिए फड़ों की सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

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