Pod Taxi: परिवाह व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुरे देश में नए नए कदम उठाए जा रहे है जिसके चलते अब मुंबई ने भविष्य के शहरी परिवहन योजना में एक अहम कदम उठाया है जिसके चलते देश के सबसे व्यस्त बिजनेस हब, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स BKC की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। मंगलवार को यहां बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट का भूमिपूजन संपन्न हुआ, जो न केवल मुंबई बल्कि देश के लिए ‘स्मार्ट मोबिलिटी का एक नया उदाहरण पेश करेगा।
यह नए प्रोजक्ट से उन हज़ारों यात्रियों को राहत मिलेगी जो रोज कुर्ला और बांद्रा स्टेशनों से BKC के अपने दफ्तरों तक पहुंचने के लिए ऑटो-रिक्शा की लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम से गुजरते है। यह नया प्रोग्राम फुल्ली ऑटोमेटेड है जो ये टैक्सियां बिना ड्राइवर के कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिए ट्रैक पर दौड़ेंगी।
पहले चरण में 3.36 किलोमीटर का सफर Pod Taxi

जानकारी के लिए बता दें कि प्रोजेक्ट के शुरुआती चरण में यह सुविधा 3.36 किलोमीटर लंबे रूट पर शुरू की जाएगी। यह रूट बांद्रा ईस्ट से शुरू होकर कुर्ला तक जाएगा, जिसमें कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे। जिसके चलते प्रमुख स्टेशन बांद्रा ईस्ट, कलानगर, MMRDA पुरानी बिल्डिंग, एक्साइज डिपार्टमेंट, भारत डायमंड बोर्स गेट 11 MMRDA पे एंड पार्क, एलबीएस मार्ग और कुर्ला। Pod Taxi
इस सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह मेट्रो लाइन 3 और मेट्रो 2B के साथ तालमेल बिठा सके। इससे उन लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी मिलेगी जो मेट्रो से उतरकर अपने ऑफिस तक जाना चाहते हैं।
रफ्तार सुविधा और तकनीक Pod Taxi
पॉड टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसकीरफ्तार सुविधा और तकनीक है। पारंपरिक बसों या ट्रेनों की तरह आपको इसमें लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसमें स्टेशन पर पहुंचने के महज 15 सेकंड के भीतर एक पॉड उपलब्ध होगा। हर पॉड पूरी तरह एयर-कंडीशंड होगा जिसमें 6 यात्री बैठ सकेंगे। इसकी रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है।
यह सिस्टम आपकी जरूरत के हिसाब से चलेगा। पॉड केवल उन्हीं स्टेशनों पर रुकेगा जिन्हें यात्री ने चुना है, जिससे बीच के स्टेशनों पर रुकने में बर्बाद होने वाला समय बचेगा। Pod Taxi
भविष्य में 22 स्टेशनों का नेटवर्क
MMRDA की योजना इस प्रोजेक्ट को सिर्फ यहीं तक सीमित रखने की नहीं है। साल 2031 तक इस नेटवर्क को विस्तार देकर 8.85 किलोमीटर लंबा करने का लक्ष्य है, जिसमें कुल 22 स्टेशन होंगे। अनुमान है कि तब तक रोजाना करीब 1.09 लाख लोग इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठाएंगे।
जहाँ तक किराए की बात है, वर्तमान में इसे 21 रुपये प्रति किलोमीटर के आधार पर प्रस्तावित किया गया है, हालांकि भविष्य की महंगाई और परिचालन लागत को देखते हुए कमर्शियल लॉन्च के समय इसमें मामूली बदलाव संभव है।
बिना सरकारी सब्सिडी के चलेगा प्रोजेक्ट
यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत साई ग्रीन मोबिलिटी द्वारा विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि सरकार इस पर कोई सीधी सब्सिडी नहीं दे रही है। इसके उलट, निर्माण करने वाली कंपनी हर साल MMRDA को 1 करोड़ रुपये और अपने कुल राजस्व का 21% हिस्सा देगी।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि BKC जैसे घनी आबादी वाले कमर्शियल जोन में पॉड टैक्सी न केवल प्रदूषण कम करेगी बल्कि सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव भी काफी हद तक घटा देगी।

