Pusa Krishi Vigyan Mela 2026 नई दिल्ली में 25 से 27 फरवरी 2026 को पूसा कृषि विज्ञान मेला का आयोजन किया जा रहा है . इस मेले में आधुनिक खेती के साथ – साथ महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है . इससे महिलाओं के लिए भी खेती के नए रास्ते खुलेगें . यह आयोजन पूसा परिसर में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा किया जा रहा है .
इस आयोजन में फसल और बीजों की प्रदर्शनी तो होगी ही साथ ही आत्मनिर्भर भारत की सोच और विकसित कृषि पर फोकस किया जाएगा . यह मेला सटीक खेती और बदलती जलवायु और बढ़ती लागत जैसी मुश्किलों से निपटने औरमहिला किसानों की भागीदारी बढ़ने पर बल दिया जाएगा .
क्या है आयोजन का मुख्या उद्देश्य Pusa Krishi Vigyan Mela 2026
इस मेले का मकसद किसानों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ाकर आधुनिक और लाभकारी कृषि मॉडल से जोड़ना है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में खेती से जुड़े कामों में महिलाओं की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक है, महिला किसानों पर विशेष फोकस पूसा संस्थान ने मेले को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष की भावना से जोड़ा है। यहां महिला किसानों के लिए प्रशिक्षण सत्र पर बल दिया गया है .
इसके साथ ही छोटे छोटे कृषि व्यवसाय शुरू करने की जानकारी भी दी जाएगी . महिलाओं को तकनीक और बाजार तक सीधी पहुंच मिले तो ग्रामीण आय में तेज बढ़ोतरी संभव है। बदलते मौसम के कारण फसल नुकसान एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए मेले में जलवायु अनुकूल कृषि पर व्यावहारिक सत्र रखे गए हैं।
मुख्या बातें
खेत में खड़ी फसलों का लाइव डेमो दिया जाए और मिट्टी जांच की सुविधा ताकि सही उर्वरक चुना जा सके और जिस तत्व की मात्रा मिटटी में काम है वही फर्टीलिज़ार का प्रयोग किया जा सके . जल्दी पकने वाली किस्में का प्रयोग किया जा सके . लागत में 15 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
मेले में किसान उत्पादक संगठनों और एग्री स्टार्टअप पर विशेष सत्र होंगे। मेले में इस प्रकार की बातें बताई जाएगी की समूह में फसल बेचने से बेहतर दाम कैसे मिलते हैं बिचौलियों पर निर्भरता कैसे घटाई जाए कृषि अपशिष्ट से खाद और प्रोसेस्ड उत्पाद कैसे तैयार किए जाएं
क्यों मायने रखता है यह आयोजन
पूसा कृषि विज्ञान मेला २०२६ किसानों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है और महिला भागीदारी को मजबूत करता है।

