Haryana Gram Panchayat Fund Grant : हरियाणा में गांवों के विकास का पहिया थम रहा है। 1100 करोड़ रुपए के विकास कार्य अटक गए हैं, क्योंकि सरकार ने ऐसी शर्त रख दी है, जिसको सरपंच पूरा नहीं कर पा रहे हैं और बगावती सुर में आ गए हैं। दरअसल सरकार ने ग्राम पंचायतों के लिए ग्राम सभा की बैठक में 40 प्रतिशत का कोरम का नियम तय कर दिया है।
इस मामले में सरपंच एसोसिएशन का कहना है कि हरियाणा में बड़ी संख्या में पंचायतों में ग्राम सभा की बैठकें ही नहीं हो पा रही हैं। सरपंच एसोसिएशन के अनुसार, लगभग 35 प्रतिशत पंचायतों में विकास प्रस्ताव तैयार नहीं हो पा रहे, जिसके कारण गली-नाली, सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।
Gram Panchayat Fund : 20 प्रतिशत वोट लेकर बन जाते हैं सरपंच, 40 प्रतिशत का कोरम कैसे पूरा हो
सरकार ने नियम बनाया है कि गांव में विकास कार्यों को लेकर होने वाली ग्राम सभा की बैठक मे कम से कम 40 प्रतिशत हाजिरी होनी अनिवार्य है। इसके जवाब में सरपंचों का कहना है कि सरपंची के चुनाव में गांव के कुल वोट के 20 प्रतिशत वोट लेने वाला ही सरपंच चुना जाता है। ऐसे में वह 40 प्रतिशत का कोरम कैसे पूरा कर पाएंगे, क्योंकि सरपंच के दूसरे पक्ष के लोग, जानबूझकर कोरम पूरा नहीं होने देते। कई गांवों में चुनाव के दौरान आठ-आठ उम्मीदवार मैदान में होते हैं, जिससे मत विभाजित हो जाते हैं और बाद में ग्राम सभा में सहमति बनाना और मुश्किल हो जाता है।
Gram Panchayat Fund : युवा गांव से बाहर रहते हैं, कोरम मुश्किल
सरपंचों का ये भी तर्क है कि गांवों की सामाजिक स्थिति भी इस नियम के अनुकूल नहीं है। बड़ी संख्या में युवा नौकरी, मजदूरी या सेना में बाहर रहते हैं। कार्यदिवस में ग्राम सभा बुलाने पर कामकाजी लोग नहीं आ पाते, वहीं कई ग्रामीण पहली बैठक में आने के बाद दोबारा आने से इनकार कर देते हैं। फतेहाबाद जिले में कुछ ही दिनों में दर्जनों ग्राम सभाएं स्थगित करनी पड़ी हैं।
Gram Panchayat Fund : सरकार का तर्क, पारदर्शिता के लिए लिया फैसला
वहीं सरकार का तर्क है कि पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ही ये नियम बनाया गया है। पुराने नियमों में फर्जी बैठकों और कागजी प्रस्तावों की शिकायतें मिलती थीं। 40 प्रतिशत कोरम, डिजिटल हाजिरी, बायोमेट्रिक उपस्थिति और वीडियोग्राफी से ‘कागजी पंचायतों’ पर रोक लगेगी और विकास कार्यों में सामाजिक निगरानी बढ़ेगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कृष्णलाल पंवार (Panchayat minister Haryana) ने स्पष्ट किया है कि कोरम की शर्त चरणबद्ध है। पहली ग्राम सभा में 40 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता तो दूसरी बैठक में 30 प्रतिशत और तीसरी बैठक में 20 प्रतिशत उपस्थिति पर प्रस्ताव पारित किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभा में आने वाले ग्रामीणों के जलपान पर खर्च सरपंच फंड से किया जा सकता है।

