2 February weather update : हरियाणा में आज यानि 2 फरवरी को फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। IMD द्वारा प्रदेश के 11 जिलों में मध्यम से तेज बारिश और 11 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि 8 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया, जहां गरज, चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी। 2 और 3 फरवरी को मौसम कैसा रहेगा, आइए बताते हैं।
इससे पहले 1 फरवरी को अल सुबह करनाल, सोनीपत में ओलावृष्टि हुई तो जींद, पानीपत, सोनीपत, करनाल, फरीदाबाद, पलवल समेत कई जिलों में बारिश (Haryana rain alert) हुई। इसके बाद दिन भर हवाएं चली। शाम हो धुंध छा गई। जहां पर ओलावृष्टि हुई, वहां सरसों तथा गेहूं की फसलों को नुक्सान हुआ है। विभाग द्वारा 17 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था लेकिन 10 से 11 जिलों में बारिश हुई। बाकी जगह बादलवाई या हल्की बूंदाबांदी ही हो पाई।
2 February weather update : 2 फरवरी को मौसम कैसा रहेगा
2 फरवरी को हरियाणा के 11 जिलों अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम (Gurugram weather), फरीदाबाद (weather faridabad), पलवल, मेवात में 50 से 75 प्रतिशत एरिया में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। वहीं जींद, कैथल, रोहतक, हिसार (hisar weather), फतेहाबाद (Fatehabad mausam), सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी जिले में 25 से 50 प्रतिश एरिया में बारिश की संभावना है। यानि कि इन जिलों में कुछ इलाकों में ही बारिश हो पाएगी, पूरे जिले में बारिश की संभावना नहीं है।

kal ka weather update : 3 फरवरी को कैसा रहेगा मौसम
हरियाणा में 3 फरवरी को बारिश के आसार नहीं हैं। जीटी बेल्ट पर अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल व यमुनानगर में धुंध का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में दिन में धूप निकल सकती है लेकिन सुबह तथा शाम को धुंध का असर देखने को मिलेगा। 4 फरवरी को भी हरियाणा में मौसम साफ रहेगा। 5 फरवरी को भी हरियाणा में बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में पिछले 24 घंटों की तुलना में राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 3.6°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बारिश की बात करें तो औसतन हल्की वर्षा दर्ज की गई है। रोहतक (AWS) में सर्वाधिक 6.0 mm बारिश हुई, जबकि अंबाला और चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर 2.0 mm वर्षा दर्ज की गई। करनाल के घरौंडा क्षेत्र के कैमला गांव में देर रात काफी देर तक ओले गिरे। यहां कुछ ही देर में धरती पर सफेद चादर बिछ गई। सरसों की फसल में आले गिरने से काफी नुकसान हुआ है।

