HPV Vaccine : एचपीवी वैक्सीन का विरोध, खाप-तपा ने की मीटिंग, कहा बेटियों की जान को खतरा

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HPV Vaccine ban demand : कैंसर जैसी बीमारी को रोकने के लिए देश में एचपीवी वैक्सीन (Human Papillomavirus Vaccine) लगाने की शुरुआत की जा रही है। शुरुआती चरण में लड़कियों पर इसका प्रयोग होगा लेकिन लेकिन अभी से इसका विरोध शुरू हो गया है। लोगों के तर्क हैं कि यह वैक्सीन लड़कियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है और इसके दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। HPV Vaccine क्या है और इसका फायदा क्या होगा।आइए बताते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन (Human Papillomavirus Vaccine) एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है जो गर्भाशय ग्रीवा (cervical) के कैंसरजननांगों के मस्सों (genital warts) और अन्य प्रमुख एचपीवी-संबंधित कैंसर से बचाता है। यह 9-12 साल के बच्चों (लड़कों-लड़कियों) को यौन सक्रिय होने से पहले लगवाना सबसे प्रभावी है।

HPV Vaccine का विरोध क्यों हो रहा है

हरियाणा के जींद जिले के अलेव क्षेत्र के नगूरां गांव के भूटटेश्वर मंदिर में एचपीवी वैक्सीन के विरोध में 1 मार्च को खांडा तपा की पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता चांदपुर गांव के पूर्व सरपंच रामकुमार नरवाल ने की। खांडा तपा के दस गांवों के लोगों ने HPV Vaccine का विरोध किया। रविंद्र हसनपुर, गजे सिंह नगूरां, धर्मपाल नगूरां, राजेश नगूरां, रामनिवास शर्मा, सुशील नरवाल चांदपुर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह वैक्सीन बिल गेट्स द्वारा स्पांसर की जा रही है। बिल गेट्स वही व्यक्ति हैं, जिसका नाम एपस्टीन फाइल्स में आया है।

Protests against HPV vaccine begin in Haryana, India
Protests against HPV vaccine begin in Haryana, India

सुशील नरवाला का दावा है कि इस वैक्सीन का ट्रायल 2009 में तेलगांना और गुजरात में हुआ था। लगभग 14000 बच्चियों पर इसका ट्रायल किया गया। इसमें सात बच्चियों की आन स्पाट मृत्यु हो गई थी। इस वैक्सीन से काफी लड़कियों को गंभीर दुष्परिणाम आए थे। इससे गर्भाशय खराब होने के भी केस मुख्य रहे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए वैक्सीन का पूरी तरह बहिष्कार का फैसला लिया।

HPV Vaccine : गांवों में बनाएंगे कमेटी

जनता सरकार मोर्चा के सुशील नरवाल ने कहा कि इस मामले में कमेटी भी बनाई जा रही हैं, जो स्कूलों में जाकर इस बात को सुनिश्चित करेगी कि किसी भी दबाव में टीका न लग पाए। अगर सीएचसी, पीएचसी के डाक्टर बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन लगाएंगे तो उनको दो टूक कहा जाएगा कि अगर वह साइड इफेक्ट न हो इस बात का शपथ पत्र डाक्टर देगा तो ही किसी बच्ची को वैक्सीन लग पाएगी। इसके अलावा बच्ची के माता- पिता की सहमति जरूरी है। एक प्रतिनिधिमंडल आसपास की खाप पंचायतों के प्रतिनिधि से भी मिलेंगे और इस मुहिम को आगे बढ़ाएंगे, ताकि किसी बेटी का जीवन बर्बाद न हो पाए।

HPV Vaccine का उद्देश्य : यह गर्भाशय, ग्रीवा, प्राइवेट पार्ट, गुदा और गले के कैंसर का कारण बनने वाले वायरस से रक्षा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह 9 से 12 वर्ष की आयु में सबसे अच्छा काम करता है लेकिन इसे 26 से 45 वर्ष की आयु तक भी लगवाया जा सकता है।

खुराक (Dosage) : 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 6-12 महीने के अंतराल पर दो खुराक दी जाती हैं। 15-26 वर्ष के लोगों के लिए तीन खुराक की आवश्यकता हो सकती है।

प्रभावशीलता: यह कैंसर पैदा करने वाले एचपीवी प्रकारों (विशेषकर 16 और 18) के खिलाफ 90% से अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।

दुष्प्रभाव: इसके आम दुष्प्रभावों में इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन,लालिमा,सिर दर्द या हल्का बुखार शामिल हो सकते हैं। यह टीका एचपीवी संक्रमण को रोकता है। उसका इलाज नहीं करता है, इसलिए वायरस के संपर्क में आने से पहले इसे लगवाना महत्वपूर्ण है।

 

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