Delhi Elevated Corridor: दिल्ली में सार्वजानिक परिवाह को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है ताकि आम जन को रोजाना घंटों की ट्रैफिक से रहत मिल सकें। जिसके चलते अब CM रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में दिल्ली के 2 सबसे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। Delhi Elevated Corridor
इसी के चलते सरकार ने बारापूला फेज-3 और एमबी रोड पर बनने वाले सिक्स लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए बजट में संशोधन करके पास कर दिया गया है। यह दोनों कॉरिडोर बनते ही दक्ष्णि और पूर्वी दिल्ली के बीच की दुरी कम होगी। इसके साथ ही नोयडा और फरीदाबाद से आने वाले यात्रियों को भी काफी लाभ मिलेगा।
बारापूला फेज-3: पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली का सफर होगा सिग्नल फ्री Delhi Elevated Corridor

करीब 3.5 किलोमीटर लम्बा कॉरिडोर बारापूला फेज-3 कॉरिडोर दिल्ली के ट्रैफिक नेटवर्क का काफी महत्वपूर्ण हिस्सा मानना गया है यह कैरिडोर सराय काले खां से मयूर विहार पॉकेट-1 के बीच है। इसके लिए CM ने करीब 1635 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। मयूर विहार से एम्स या सफदरजंग अस्पताल की और जाने वाले लोगों को इससे काफी फायदा होगा।
अभी रिंग रोड पर ज्यादा ट्रैफिक होने के चलते यह दुरी तय करने में काफी समय लगता है। लेकिन यह एलिवेटेड रोड बनते ही यह सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा हो सकेगा जिसके चलते इसपर कोई भी रेड लाइट नहीं होगी। इसके लिए नोयडा के वाहनों को दक्ष्णि दक्षिणी दिल्ली जाने के लिए रिंग रोड पर धक्के नहीं खाने पड़ेगें।
एमबी रोड पर जाम का अंत: संगम विहार और खानपुर को बड़ी सौगात
साउथ दिल्ली के सबसे व्यस्त और जाम के लिए बदनाम महरौली-बदरपुर (MB) रोड के लिए भी सरकार ने खजाना खोल दिया है। साकेत जी-ब्लॉक से लेकर पुल प्रहलादपुर तक बनने वाले सिक्स लेन एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास के लिए 1471.14 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
संगम विहार, खानपुर और साकेत जैसे सघन आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पीक आवर्स का ट्रैफिक किसी डरावने सपने जैसा होता है, जिसे यह नया कॉरिडोर खत्म कर देगा। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच आवागमन करने वालों के लिए एक सुगम सेतु का काम करेगा, जिससे दिल्ली के इस हिस्से में वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। Delhi Elevated Corridor
दिल्ली को अब मिलेगा नया आयाम Delhi Elevated Corridor
ये दोनों प्रोजेक्ट्स सिर्फ सड़क निर्माण नहीं हैं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की बदलती तस्वीर का हिस्सा हैं। यमुना पार के इलाकों को सीधे एम्स जैसे संस्थानों से जोड़ना और दक्षिणी दिल्ली के ट्रैफिक को डाइवर्ट करना मास्टर प्लान 2026 की प्राथमिकताओं में शामिल है। Delhi Elevated Corridor
बारापूला के इस हिस्से के पूरा होने के बाद पूर्वी दिल्ली का दिल्ली के मुख्य कमर्शियल हब्स से सीधा संपर्क हो जाएगा। जानकारों का मानना है कि इन कॉरिडोर्स के निर्माण से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी।

