Haryana Pink Rapido Scheme: हरियाणा सरकार की और से महिलओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उढ़ाए जा रहे है ऐसे ही अब एक बार फिर से महिलाओं को सशक्त बनाए के लिए नया कदम ‘पिंक रैपिडो’ (Pink Rapido) प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसमें अनुसचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर महिला वर्ग आवेदन कर सकता है। जिसके चलते महिलों को रोजगार का मौका मिलेगा। रोजगार के साथ ही मुफ्त में ई-स्कूटर भी दिए जाएंगे।
हालाँकि इस योजना के शुरू में बहुत ही कम आवेदन प्रशासन की और से मांगे गए है। क्योंकि यह एक चुनौतीपूर्वक प्रक्रिया है। Haryana Pink Rapido Scheme
क्या है ‘पिंक रैपिडो’ और कैसे बदलेगी महिलाओं की किस्मत? Haryana Pink Rapido Scheme

हरियाणा सरकार से इस योजना के कई उद्देश्य है पहला तो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार उपलब्ध करवाना और दूसर घर की देहलीज पर ही सम्मानजनक कार्य। इस योजना में चुनी हुई महिलाओं को राइड्स ऐप के मध्य से सामान की देलवारी करने जैसे कार्य होंगें।
योजना के बड़े फायदे
इस योजना से मुफ्त ई-स्कूटर: चयनित महिलाओं को सरकार की ओर से मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रदान किए जाएंगे। और तयशुदा आय: काम शुरू करने के पहले छह महीनों तक सरकार महिलाओं को ₹12,000 से ₹14,000 के बीच प्रोत्साहन राशि देगी। जिससे महिलों की आर्थिक स्तिथि सही रहेगी। इसके अलावा सुरक्षित यात्रा: यह सेवा पूरी तरह महिलाओं के लिए होगी, यानी महिला राइडर ही महिला सवारी को गंतव्य तक पहुंचाएगी।
सुस्त रही शुरुआती प्रतिक्रिया, लॉन्चिंग पर सस्पेंस
सरकार ने इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए सिरसा, पंचकूला, फरीदाबाद, सोनीपत, करनाल और अंबाला जैसे प्रमुख जिलों को चुना है। योजना के मुताबिक, हर जिले से 30 युवतियों का चयन होना था, लेकिन 13 मार्च की समयसीमा खत्म होने तक पूरे प्रदेश से 50 आवेदन भी नहीं आए। इस कम उत्साह के चलते 19 मार्च को प्रस्तावित आधिकारिक लॉन्चिंग अब अधर में लटक गई है। Haryana Pink Rapido Scheme
सामाजिक न्याय एवं कल्याण विभाग के निदेशक प्रशांत पंवार अब अगले कुछ दिनों में तय करेंगे कि आवेदन की तारीख बढ़ाई जाए या शर्तों में कुछ ढील दी जाए। जानकारों के मुताबिक अभी भी आवेदन संख्या बधाई जा सकती है।
कौन कर सकता है आवेदन? पात्रता की शर्तें
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो सरकार ने कुछ अनिवार्य मानक तय किए हैं इसके लिए जाति वर्ग: आवेदिका अनुसूचित जाति (SC) या पिछड़ा वर्ग (BC) से होनी चाहिए। इसके अलावा आय सीमा: परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। और दस्तावेज: वैध दोपहिया ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है।
आयु और हुनर: उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच हो और स्मार्टफोन व नेविगेशन टूल्स (मैप) चलाने की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। जानकारों का मानना है कि आवेदनों की कमी का बड़ा कारण ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता और प्रचार-प्रसार का अभाव हो सकता है। ग्रामीण और कस्बे की महिलाओं के पास अक्सर दोपहिया चलाने का हुनर तो होता है, लेकिन कागजी लाइसेंस नहीं, जिससे वे इस दौड़ से बाहर हो रही हैं। Haryana Pink Rapido Scheme
आवेदन के लिए कहां करें संपर्क?
इच्छुक पात्र महिलाएं अपने संबंधित जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर फॉर्म भर सकती हैं। अंबाला के निवासी गुरु अर्जुनपुरा कॉलोनी, रतनगढ़ रोड स्थित कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। चयन का आधार ‘पहले आओ-पहले पाओ’ रखा गया है, इसलिए देरी करना अवसर खोने जैसा हो सकता है।

