Jind commercial cylinder : जिले में घरेलू सिलिंडर के लिए गैस एजेंसियों पर लोगों की लाइन लग रही है। घर से आनलाइन बुकिंग करवाने के बाद उपभोक्ता एजेंसी पर पहुंच रहे हैं। जहां दो से तीन घंटे तक इंतजार के बाद पर्ची कटती है। उसके बाद सिलिंडर मिलता है। डीआरडीए के सामने हुडा मार्केट में दो गैस एजेंसियों के कार्यालय पर वीरवार को दोपहर तक काफी भीड़ रही। गांव बुआना के सोनी ने बताया कि चार दिन पहले उसकी आनलाइन बुकिंग हुई थी।
होटल, ढाबे, रेहड़ी वालों की परेशानी बढ़ी (Jind commercial cylinder)
वीरवार एजेंसी कार्यालय पहुंचा, तो यहां काफी भीड़ थी। जब नंबर आया, तो बताया गया कि सिलिंडर खत्म हो चुके हैं। शुक्रवार को आना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ कमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई शुरू नहीं होने से होटल, ढाबे, रेहड़ी वालों की परेशानी बढ़ी हुई है। पुराने हांसी रोड पर स्थित औद्योगिक इकाइयों में भी काम प्रभावित हो रहा है।

शादी के लिए कितने सिलेंडर मिलेंगे ? (Jind commercial cylinder)
वहीं शिक्षण संस्थानों, अस्पताल, स्वयं सहायता समूह की कैंटीन, हास्टल व शादियों के लिए कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध करवाने के लिए जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी के पास शादियों के लिए अब तक करीब 65 आवेदन आ चुके हैं। लड़की की शादी के लिए पांच और लड़के की शादी में तीन सिलिंडर प्राथमिकता के आधार पर देने का फैसला किया गया है।
जिले में 100 सिलिंडर का ही कोटा हुआ निर्धारित (Jind commercial cylinder)
बहुत से ऐसे आवेदन आए हुए हैं, जिनके यहां शादी 20 दिन से लेकर एक माह बाद है। कमेटी की तरफ जिनके यहां शादी पहले है, उनको पहले और जिनके यहां बाद में है, उनको बाद में सिलिंडर उपलब्ध करवाए जाएंगे। कमेटी के पास जो डिमांड कमर्शियल सिलिंडर की आई है, वो गैस कंपनियों के सेल्स अधिकारियों को भेज दी गई है। जिले के लिए प्रतिदिन केवल 100 सिलिंडर का ही कोटा निर्धारित हुआ है। लेकिन कामर्शियल सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

भंडारा लगाने वाली जिले में 20 से ज्यादा संस्थाएं हैं (Jind commercial cylinder)
शहर में प्रतिदिन भंडारा लगाने वाली जिले में 20 से ज्यादा संस्थाएं हैं। कुछ संस्थाओं के पास पहले से सिलिंडर बचे हुए हैं। बाकी संस्थाओं के प्रतिनिधि घर से खाना तैयार करके लाते हैं। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के हास्टल में कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लकड़ी का प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में मैन्यू के अनुसार खाना पकाने में दिक्कत आ रही है।
औद्योगिक इकाइयों का काम हो रहा प्रभावित (Jind commercial cylinder)
कमर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने से औद्योगिक इकाइयों में भी काम प्रभावित हो रहा है। शहर के पुराने हांसी रोड पर ई रिक्शा बनाने की इकाई है। जहां से हर माह करीब 200 ई रिक्शा सप्लाई होती हैं। औद्योगिक इकाई संचालक रोशन लाल ने बताया कि प्रतिदिन एक हजार किलो एलपीजी की उनकी इकाई में खपत है। एलपीजी नहीं मिलने से पिछले कई दिनों से काम बंद पड़ा है। उनके पास 150 मजदूर हैं, जोकि खाली बैठे हैं। इनको घर भी नहीं भेज सकते हैं। क्योंकि दोबारा मजदूर मिलने आसान नहीं हैं।

