Success story : जींद के मखंड गांव निवासी सुमन, जो पहले घर के ही कामकाज में उलझी रहती थी। तीन साल पहले घर पर ही धूप बत्ती व हवन की समिधा बनानी शुरू की। हवन की समिधा की खास बात यह है कि यह गाय के गोबर से तैयार की जाती है, जिसकी लंबाई सात इंच तक रहती है।
समिधा की सप्लाई आसपास के गांव संदलाना, सोनीपत, झज्जर में भेजी जाती है। समिधा के लिए उनके पास आनलाइन आर्डर आता है। महीने में उन्हें 50 हजार रुपये से ज्यादा की कमाई होती है। सुमन अपने पति सज्जन के साथ पिछले लगभग साढ़े तीन साल से हवन के लिए धूप बत्ती व समिधा तैयार करती हैं। साथ ही गांव में ही करियाना की दुकान कर रखी है।
सुमन प्राकृतिक खेती की सराहना करती है ? (Success story)
सुमन को प्राकृतिक खेती में सराहनीय कार्य करने पिछले साल हमेटी में आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नगर परिषद चेयरपर्सन डा. अनुराधा सैनी ने सम्मानित भी किया था। समिधा और धूप बत्ती बनाने का आइडिया उन्हें अपनी ननद से मिला था। सुमन पहले पति के साथ खेती में हाथ बढ़ाती थी, लेकिन कुछ ज्यादा बचत नहीं होती थी। इसके बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर रुख किया। साथ ही धूप बत्ती व हवन की समिधा बनाना सीखा।

मांग बढ़ने लगी, आनलाइन आर्डर लेने शुरू किए (Success story)
धीरे-धीरे उनके सामान की मांग आसपास के गांव में होने लगी। इसके बाद जब खपत ज्यादा होने लगी तो उन्होंने आनलाइन आर्डर भी लेना शुरू किया। अब धूप बत्ती व समिधा दूसरे जिले में भी जाती है। साथ ही सुमन व उनके पति सज्जन दो एकड़ में प्राकृतिक खेती से गेहूं की फसल की बिजाई करते हैं। खाद के रूप में केंचुआ खाद का प्रयोग किया जाता है, जिससे गेहूं की पैदावार में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में उनके परिवार की आय में बढ़ोतरी हुई है।
किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं महिलाएं (Success story)
सुमन का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। आज महिलाएं पढ़ाई, खेलकूद के साथ-साथ प्राकृतिक खेती में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। ऐसे में महिलाएं भी अपने परिवार के साथ मिलकर आय बढ़ोतरी में मदद कर सकती हैं। प्राकृतिक खेती भी महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है।

