New Income Tax Rules: नए वित्त वर्ष आने के साथ ही कई नए नियम बदल दिए गए है इन नियमों को बदलने का मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी होने से बचने के साथ ही अर्थव्यवस्था को पहले से भी ज्यादा पारदर्शी बनाना है। जिसके चलते इस नए नियम में पेट्रोल की क्वालिटी तक पर प्रभाव पड़ने जा रहा है। अगर आप भी नौकरीपेशा या फिर व्यपारिक व्यवसाय वाले लोग है तो आइये जाने आप पर इस नए टैक्स नियम का क्या प्रभाव पड़ेगा।
पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया हुई सख्त New Income Tax Rules

अब से पहले धार कार्ड से पैन कार्ड काफी आसानी से बनाया जा सकता था लेकिन अब इस नियम में बदलाव फर्जीवाड़े को रोकनर के लिए किया गया है और 1 अप्रैल के बाद से पैन कार्ड बनवाने के लिए आपको कुछ अन्य दास्ताजों की भी आवश्यकता होगी। जिसके चलते शेल कंपनियों’ और बेनामी संपत्तियों पर लगाम लगेगी।
HRA क्लेम करने वालों के लिए नई चुनौतियां
हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA के जरिए टैक्स बचाने वालों के लिए अब राह आसान नहीं होगी। इसके अलावा मकान मालिक का विवरण: यदि आपका सालाना किराया 1 लाख रुपये से अधिक है, तो मकान मालिक का पैन देना अब अनिवार्य है। और रिश्तेदारी का खुलासा आपको अब यह भी घोषित करना होगा कि मकान मालिक आपका कोई करीबी रिश्तेदार है या नहीं। जिसके चलते कई लोग फर्जी रेंट रसीदें लगाकर टैक्स बचाते थे, जिस पर अब आयकर विभाग की पैनी नजर रहेगी। New Income Tax Rules
क्रेडिट कार्ड और बड़े ट्रांजैक्शन पर नजर New Income Tax Rules
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार अब बड़े खर्चों की ट्रैकिंग भी करेगी। जिसके चलते 10 लाख की सीमा साल भर में 10 लाख रुपये से अधिक के डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी अब सीधे आयकर विभाग के पास जाएगी। और कैश पेमेंट 1 लाख रुपये से ज्यादा का कैश क्रेडिट कार्ड बिल भरने पर विभाग आपसे पूछताछ कर सकता है। हालाँकि राहत की खबर यह है की अब आप अपने टैक्स का भुगतान क्रेडिट कार्ड से भी कर सकेंगे, हालांकि इस पर मामूली ट्रांजैक्शन चार्ज लग सकता है। New Income Tax Rules
कॉर्पोरेट कार्ड के निजी इस्तेमाल पर टैक्स
अगर आपकी कंपनी आपको क्रेडिट कार्ड देती है, तो उसके इस्तेमाल में सावधानी बरतें। यदि आप कंपनी के कार्ड से अपना व्यक्तिगत खर्च (जैसे शॉपिंग या वेकेशन) करते हैं और कंपनी उसका भुगतान करती है, तो उस राशि को आपकी ‘सैलरी’ का हिस्सा माना जाएगा और उस पर आपको टैक्स देना होगा।
पेट्रोल में 20% एथेनॉल और नया इनकम टैक्स कानून
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अब पूरे देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। हालांकि, पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर इसका हल्का असर पड़ सकता है।

