एकता क्रांति। जींद (Jind News) : जींद जिले को डी प्लान के तहत 21 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। इस बार डी प्लान का कितना बजट किस क्षेत्र में खर्च होगा, ये निर्धारित किया गया है। सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत गलियों पर खर्च होगा। वहीं शिक्षा, खेलकूद और आंगनबाड़ियों पर 10-10 प्रतिशत खर्च करना होगा। चौपालों पर भी 10 प्रतिशत बजट खर्च किया जाएगा। बाकी 30 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य, सिंचाई, जनस्वास्थ्य, पशुपालन विभाग, बागवानी विभाग से संबंधित विभागों में खर्च किया जाएगा। इससे पहले डी प्लान का बजट किस क्षेत्र में कितना खर्च करना है, इसकी कोई सीमा तय नहीं होती थी। शहरी व ग्रामीण आबादी के अनुपात में डी प्लान के बजट को बांटकर जिला विकास एवं निगरानी समिति के सदस्यों की तरफ से दिए जाने वाले कामों पर ये राशि खर्च की जाती थी।

अलग- अलग क्षेत्र के लिए बजट निर्धारित करने से खासकर स्कूल- कालेजों व आंगनबाड़ियों में सुधार के कार्य हो सकेंगे। स्कूल व कालेजों में डी प्लान के 10 प्रतिशत बजट से कमरे, शौचालय, चारदीवारी, शेड बनाने सहित अन्य कार्य होंगे। गांवों में बहुत से आंगनबाड़ियों भवनों की स्थिति भी सही नहीं है। डी प्लान का 10 प्रतिशत बजट खर्च होने से आंगनबाड़ियों में भी सुधार होगा। स्कूल, कालेजों और आंगनबाड़ियों में जो भी काम करवाने हैं, संबंधित विभागों को पत्र लिखकर उसकी मांग भेजने के लिए कहा जा चुका है। बजट वितरण को लेकर जिला विकास एवं निगरानी समिति की बैठक जल्द ही शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिला विकास एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा हैं। वहीं सांसद, विधायक, जिला परिषद, नगर परिषद व नगरपालिका के चेयरमैन सदस्य होते हैं। जोकि अपने क्षेत्र से संबंधित काम डी प्लान के तहत करवाने के लिए सौंपते हैं। उन कार्यों को संबंधित विभागों से करवाया जाता है। 31 मार्च तक डी प्लान का बजट खर्च करना होता है।
पिछले साल 87.91 प्रतिशत बजट खर्च कर टाप तीन में रहा था जींद (Jind News)
वित्त वर्ष 2025-26 में जिले को डी प्लान के तहत 21 करोड़ रुपये मिले थे। जिसमें से 19.79 करोड़ रुपये शहरी व ग्रामीण आबादी के हिसाब से विकास कार्यों के लिए अलाट की गई थी। जिसमें शहरी आबादी में 4.45 करोड़ और 15.34 करोड़ रुपये ग्रामीण आबादी में अलाट हुए थे। जबकि बाकी राशि पहले करवाए जा चुके कार्यों के बकाया भुगतान में खर्च किए जाने थे। 31 मार्च तक लगभग साढ़े 18 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जोकि 87.91 प्रतिशत खर्च के साथ जींद जिले ने प्रदेश में टाप तीन में जगह बनाई थी। वहीं खर्च नहीं हो सकी करीब दो करोड़ रुपये की राशि सरेंडर करके सरकार को वापस भेज दी गई थी। वहीं वित्त 2024-25 में जींद जिला प्रदेश में करीब 86 प्रतिशत डी प्लान का बजट खर्च करके पहले स्थान पर रहा था।
बजट वितरण के लिए जल्द बैठक होगी (Jind News)
जिला परियोजना अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि जींद जिले को डी प्लान के तहत 21 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। बजट वितरण के लिए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा की अध्यक्षता में बैठक होगी। इस बार डी प्लान के बजट को खर्च करने के लिए कुछ गाइडलाइन आई हैं। शिक्षा, खेलकूद, आंगनबाड़ियों पर 10- 10 प्रतिशत बजट खर्च होगा। गलियों पर 30 प्रतिशत बजट खर्च किया जाएगा।

