Land Measurement : जींद जिले में जमीन की पैमाइश आधुनिक तरीके से करने के लिए 12 रोवर मशीन आई थी। इनको चलाने का अभी तक पटवारियों व कानूनगो को प्रशिक्षण नहीं मिला है, जिस कारण यह मशीन धूल फांक रही हैं। लोग निशानदेही के आनलाइन आवेदन कर रहे हैं। ऐसे में अब राजस्व विभाग 10 से 14 अप्रैल तक जिला स्तर पर इस मशीन को चलाने का प्रशिक्षण देगा। यह प्रशिक्षण लेने के बाद ही पटवारी व कानूनगो इस मशीन को चला सकेंगे। जिले की हर तहसील को दे मशीन दी गई हैं। पटवारी व कानून प्रशिक्षण लेने के बाद ही इस मशीन का प्रयोग कर सकेंगे। इसके बाद ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
जिले में कितनी मशीन है ? (Land Measurement)
सरकार ने जमीन की पैमाइश को माडर्न बनाने के लिए 300 रोवर मशीन खरीदी थी। यह मशीन लार्ज स्केल मैपिंग (एचएसएम) प्रोजेक्ट के तहत खरीदी गई थी। इनका मकसद चेन सर्वे को खत्म करके माडर्न टेक्नोलाजी का इस्तेमाल करके सही सीमांकन करना था। इस नए प्रोजेक्ट पर जो करोड़ों रुपये खर्च किए गए, वह मकसद अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सरकार ने हर मशीन पर करीब आठ लाख रुपये खर्च किए। जिले में 12 मशीन हैं। इस हिसाब से जिले में 96 लाख रुपये की लागत से यह मशीन खरीद कर तहसीलों में भेजी गई हैं। आज तक इन मशीनों का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

इस बार लिए जा रहे आनलाइन आवेदन (Land Measurement)
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार के मुताबिक जमीन की निशानदेही के लिए अब सरकार ने आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 12 रोवर मशीन हैं। ऐसे में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर काम किया जाएगा। अभी तक 100 से ज्यादा आनलाइन आवेदन आ चुके हैं। मशीनों का प्रशिक्षण लेने के बाद ही पटवारी व कानूनगो इन मशीनों का प्रयोग कर पाएंगे। ऐसे में जिन लोगों ने आवेदन किए हैं, उनको अप्रैल महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
10 से 14 अप्रैल तक होगा प्रशिक्षण कार्य (Land Measurement)
जिले में रोवर मशीन का प्रशिक्षण देने के लिए जिला स्तर पर 10 से 14 अप्रैल तक शिविर लगाया जाएगा। इसमें कानूनगो व पटवारियों को इस मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आधुनिक तरीके से जमीन की पैमाइश हो सकेगी। वैसे पैमाइश के अभी और बहुत से तरीके हैं, लेकिन इस मशीन से एकदम स्टीक पैमाइश होने के दावे किए जाते हैं। 14 अप्रैल तक कानूनगो व पटवारी प्रशिक्षण लेने के बाद ही इस मशीन का प्रयोग पैमाइश के लिए कर सकेंगे।
अधिकारी राजकुमार के मुताबिक अभी तक कानूनगो व पटवारियों को रोवर मशीन का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए 10 से 14 अप्रैल तक का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इन पांच दिनों में कानून व पटवारियों को इस मशीन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इस मशीन का उपयोग किया जा सकेगा। इन मशीनों से आधुनिक तरीके से स्टीक व सरल पैमाइश हो सकेगी।

