Jind New Collector Rates 2026 : नए वित्त वर्ष में नए कलेक्टर रेट लागू होने के बाद रजिस्ट्री करवाना भी महंगा हो जाएगा। ऐसे में पुराने कलेक्टर रेट पर ही प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए सोमवार को लोगों में होड़ दिखी। तहसील कार्यालयों में दिनभर भीड़ लगी रही। बाकी दिनों की तुलना में ज्यादा रजिस्ट्री हुई हैं। जिले में ज्यादातर स्थानों पर कृषि भूमि के 10 प्रतिशत, रिहायशी के 15 और कमर्शियल भूमि के 20 प्रतिशत रेट बढ़ाए गए हैं। वहीं जुलाना, सफीदों व नरवाना में कुछ स्थानों पर 35 से 40 प्रतिशत तक भी कलेक्टर रेट में वृद्धि की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जहां कलेक्टर रेट 35 से 40 प्रतिशत बढ़े हैं, वहां पहले महंगी रजिस्ट्री करवाई गई हैं। इसी वजह से उनके कलेक्टर में बढ़ोतरी हुई। किनाना गांव में व्यावसायिक जमीन के कलेक्टर रेट 2800 से बढ़कर 4900 रुपये प्रति वर्ग गज किए गए हैं, जोकि 75 प्रतिशत बढ़ोतरी है। वहीं जुलाना में भी कुछ जमीन के कलेक्टर रेट में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
जींद तहसील कार्यालय में सुबह नौ बजे ही रजिस्ट्री करवाने के लिए लोगों की भीड़ लग गई थी। शाम छह बजे के बाद भी रजिस्ट्री का काम जारी था। इस दौरान कुछ देर के लिए बिजली भी गई, जिससे काम बाधित हुआ।

जींद शहर में कहां कितनी कलेक्टर रेट बढ़ोतरी हुई है (Jind New Collector Rates)
- स्कीम नंबर पांच व छह में रिहायशी जमीन का मौजूदा कलेक्टर रेट 40700 रुपये प्रति गज है। 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 46805 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित।
- सेक्टर पांच व छह में व्यावसायिक जमीन का मौजूदा कलेक्टर 63580 रुपये प्रति गज है। 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 72296 रुपये प्रति वर्ग प्रस्तावित।
- स्कीम नंबर 19 में रिहायशी जमीन का मौजूदा कलेक्टर रेट 38170 रुपये प्रति गज है। 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 43895.5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित।
- सेक्टर छह से 11 में रिहायशी जमीन का कलेक्टर रेट 25410 रुपये है, 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 29221.5 रुपये प्रति वर्ग गज प्रस्तावित।
- सेक्टर छह से 11 में व्यावसायिक जमीन का कलेक्टर रेट 49610 रुपये है, 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 59532 रुपये प्रति वर्ग गज करना प्रस्तावित।
- तांगा चौक व पंजाबी बाजार में व्यावसायिक जमीन का कलेक्टर रेट 82610 रुपये है, 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 99132 रुपये प्रति वर्ग गज करना प्रस्तावित।
- पालिका बाजार के दोनों मेन रोड की दुकानों को छोड़कर बाकी व्यावसायिक जमीन का कलेक्टर रेट 63580 रुपये है, 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 76296 रुपये प्रति वर्ग करना प्रस्तावित।
- औद्योगिक क्षेत्र में व्यावसायिक जमीन का कलेक्टर रेट 10230 रुपये है, जिसमें 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करके 12276 रुपये प्रति वर्ग प्रस्तावित।

कृषि योग्य भूमि के रेट प्रति एकड़ कलेक्टर रेट बढ़ने के बाद (Jind New Collector Rates)
जींद में कैथल रोड पर तेग बहादुर गांव में 30.25 लाख रुपये से बढ़कर 3327500 रुपये रेट हो जाएगा।
- हांसी रोड सड़क के साथ व सफीदाें रोड सड़क के साथ एक करोड़ 39 लाख 75 हजार 500 रुपये से बढ़कर एक 53 लाख 73 हजार 50 रुपये हो जाएगा।
- नरवाना रोड सड़क के साथ व रोहतक रोड सड़क के साथ एक करोड़ 39 लाख 75 हजार 500 से बढ़कर एक करोड़ 53 लाख 73 हजार 50 रुपये हो जाएगा।
- जींद- हैबतपुर रोड सड़क भूमि एक करोड़ 50 लाख 15 हजार से बढ़कर एक करोड़ 65 लाख 16 हजार 500 रुपये कलेक्टर रेट हो जाएगा।
- एनएच के साथ बिशनपुर की जमीन 76 लाख 23 लाख से बढ़कर 83 लाख 85 हजार 300 रुपये कलेक्टर रेट हो जाएगा।
- जींद- कैथल- नरवाना रोड पर लगती अहिरका की कृषि भूमि एक करोड़ 14 लाख 34 हजार 500 से बढ़कर एक करोड़ 32 लाख 77 हजार 950 रुपये कलेक्टर रेट हो जाएगा।
- हैबतपुर अमरहेड़ी बाईपास के साथ एक करोड़ 45 लाख 47 हजार 500 से बढ़कर एक करोड़ 60 लाख 2250 रुपये कलेक्टर रेट हो जाएगा।

जींद में यहां 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़े हैं कलेक्टर रेट (Jind New Collector Rates)
जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार ने बताया कि एक अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू हो जाएंगे। जिला प्रशासन की तरफ से प्रस्तावित कलेक्टर रेट वेबसाइड पर डालकर आपत्तियां मांगी गई थी। केवल तीन आपत्तियां आई, जोकि कालोनीलाइजर की थी। इसके अलावा किसी की भी आपत्ति नहीं आई। प्रशासन की तरफ से 10 से 15 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। कुछ ऐसी जगह, जहां रजिस्ट्रियां महंगे रेट पर हुई हैं, उन स्थानों पर 35 से 40 प्रतिशत तक कलेक्टर बढ़ाए गए हैं।
रोहतक रोड निवासी सतपाल ने कहा कि प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने के लिए दोपहर को पहुंचे थे। शाम को करीब छह नंबर आया है। सोमवार को बाकी दिनों की तुलना में तहसील कार्यालय में ज्यादा भीड़ रही। एक अप्रैल से नए रेट लागू हो जाएंगे। जिससे रजिस्ट्री करवाना महंगा होगा।
कृष्णा कालोनी निवासी दिनेश चौहान ने कहा कि प्रशासन ने कलेक्टर रेट में काफी ज्यादा बढ़ोतरी की है। इससे मध्यम वर्ग पर ज्यादा असर पड़ेगा। सोमवार को दिनभर तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए इसलिए भीड़ रही, ताकि मौजूदा कलेक्टर रेट पर ही रजिस्ट्री हो सके।

