Jind Nagar parisad : जींद नगर परिषद की बजट को लेकर विशेष बैठक सोमवार दोपहर को चेयरपर्सन डा. अनुराधा सैनी की अध्यक्षता में हुई। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रस्तावित बजट में आगामी वित्त वर्ष में विभिन्न मदों से 98.83 करोड़ रुपये आमदनी होने और 85.84 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में आमदनी का अनुमान घटाया गया है। नगर परिषद ने वित्त वर्ष 2025-26 में 112 करोड़ 94 लाख 11 हजार रुपये आमदनी का अनुमान लगाया था। लेकिन 28 फरवरी तक नगर परिषद करीब 71 करोड़ रुपये ही जुटा पाई।
प्रापर्टी टैक्स से करीब सवा छह करोड़ रुपये आमदनी होने का लक्ष्य था, लेकिन पौने तीन करोड़ रुपये ही 28 फरवरी तक नगर परिषद प्रापर्टी टैक्स (Jind Nagar parisad) के जमा कर पाई। वहीं विकास शुल्क से साढ़े आठ करोड़ का लक्ष्य था और 5.10 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए। आगामी वित्त वर्ष में प्रापर्टी टैक्स से 10 करोड़ 72 लाख 53 हजार रुपये, स्टांप ड्यूटी से आठ करोड़, किराये से दो करोड़ 88 लाख 22 हजार रुपये आमदनी का लक्ष्य है।
नगर परिषद अपने मदों की बजाय ज्यादा सरकार से मिलने केंद्रीय वित्त आयोग (सीएफसी) से 20 करोड़ 69 लाख 46 हजार रुपये और राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) से 44 करोड़ 21 लाख 81 हजार रुपये की ग्रांट मिलने की उम्मीद है। अपने मदों से कम आमदनी जुटाने की वजह से दिक्कतें भी आ रही हैं। विकास कार्यों के लिए सरकारी फंड पर ही निर्भर होना पड़ रहा है। बैठक में मौजूद पार्षदों ने विकास कार्यों में अनदेखी के भी आरोप लगाए। साथ ही सालभर विकास कार्यों पर चर्चा के लिए हाउस की कोई बैठक नहीं बुलाने पर भी पार्षद संजय गोयल, गुलशन परूथी सहित अन्य पार्षदों ने सवाल उठाए। वहीं प्रापर्टी आइडी बनाने में भी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

वार्ड सात के पार्षद सुनील उर्फ विक्की, वार्ड 19 से पार्षद संजय वत्स सहित अन्य पार्षदों ने कहा कि पार्षदों की कोई पूछ नहीं हो रही है। उनके वार्डाें में गलियां बना दी जाती हैं, जबकि उनको पता नहीं चलता। उद्घाटन बोर्ड भी पार्षद का नाम नहीं लिखा जाता। जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र दून ने कहा कि विकास कार्यों, वार्डों की समस्याओं सहित मुद्दों पर चर्चा के लिए एक माह के अंदर ही हाउस की बैठक बुलाई जाएगी। प्रापर्टी आइडी में अगर कोई भ्रष्टाचार का मामला है, तो पार्षद शिकायत दें। मामले की जांच करवा कर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में वाइस चेयरपर्सन अर्चना शर्मा, सभी वार्डों से पार्षद, मनोनीत पार्षद, कार्यकारी अधिकारी ऋषिकेश चौधरी सहित सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
गलियों को उखाड़कर ठीक नहीं किया जाता (Jind Nagar parisad)
वार्ड 26 के पार्षद सियाराम गोयल ने कहा जनस्वास्थ्य विभाग वार्डों में गलियों को उखाड़ कर छोड़ देता है, उनकी मरम्मत नहीं करवाई जाती। वहीं बिजली निगम ठेकेदार नई लाइन डालते समय पोल पर लगी स्ट्रीट लाइट उतार देता है, जिन्हें दोबारा नहीं लगाया जाता। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि जहां- जहां गलियां उखाड़ी गई हैं, उनको ठीक करवाने पर जो खर्च आएगा, उसका बिल जनस्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। वहीं स्ट्रीट लाइट उतारे जाने के मामले में बिजली निगम एसई से बात की जाएगी।
नौ साल बाद भी रविदास चौक नहीं बना (Jind Nagar parisad)
मनोनीत पार्षद राममेहर ठेकेदार ने कहा कि दो जून 2017 को हाउस की बैठक में भिवानी रोड बाईपास पर गुरु रविदास चौक बनाने का प्रस्ताव पास किया गया था। लेकिन आज तक यहां चौक नहीं बना। इस मांग को लेकर धरने- प्रदर्शन तक हो चुके हैं। जिला नगर आयुक्त और जेई ने इस मामले की जानकारी होने से इंकार करते हुए कहा कि इसका पता लगाया जाएगा और नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। राममेहर ठेकेदार ने गलियों के एस्टीमेट बगैर लेवल जांचे बनाकर खानापूर्ति किए जाने और निर्माण के समय अधिकारियों के मौजूद नहीं रहने का आरोप लगाया।

दलालों के माध्यम से बनती हैं प्रापर्टी आइडी (Jind Nagar parisad)
वार्ड आठ के पार्षद गुलशन परूथी ने कहा कि प्रापर्टी आइडी बनवाने जाते हैं, तो एरिया अन्प्रूव्ड बता दिया जाता है। जबकि दलालों के माध्यम से वही प्रापर्टी आइडी बाद में बना दी जाती है। पार्षद महाबीर रेढू, सुनील उर्फ विक्की ने भी कहा कि पहले भी इस तरह की शिकायतें अधिकारियों को दी जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिला नगर आयुक्त ने कहा कि प्रापर्टी आइडी से संबंधित जो भी शिकायतें आई हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। पार्षद उनसे मिलकर भी शिकायत दे सकते हैं।
जेई गुमराह करते हैं (Jind Nagar parisad)
वार्ड 19 के पार्षद संजय वत्स ने जिला नगर आयुक्त से कहा कि आपको जेई गुमराह करते हैं। यहां पार्षदों के कहने पर काम नहीं होते। इसलिए समाधान शिविर में जाना पड़ता है। उनके वार्डों में पार्कों की सफाई नहीं होती है। पार्षदों के कानूनी अधिकारों की अधिकारी धज्जियां उड़ा रहे हैं। पार्षद महाबीर रेढू ने कहा कि परशुराम चौक पर ऐसी जगह बस क्यू शेल्टर बनाया जा रहा है, जहां जरूरत ही नहीं है। इसके बारे में उनकी राय भी नहीं ली गई।
मुख्यमंत्री रैली में शहर के लिए करोड़ों की विकास परियोजनाओं की घोषणा करेंगे (Jind Nagar parisad)
नगर परिषद चेयरपर्सन डा. अनुराधा सैनी ने कहा कि नए वित्त का अनुमानित बजट पारित किया गया है। लोगों को प्रापर्टी टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विकास शुल्क सहित अन्य मदों से भी आमदनी बढ़ाई जाएगी। पांच अप्रैल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जींद आ रहे हैं। वे रैली में जींद शहर के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा करेंगे। जिनमें गुरुद्वारा के सामने खाली जमीन पर लाइब्रेरी, आडिटोरियम व अन्य प्रोजेक्ट सहित कई अन्य विकास कार्य शामिल हैं। शहर के विकास कार्यों के लिए उन्होंने भी मुख्यमंत्री को मांगें भेजी हुई हैं।

