Haryana Weather: हरियाणा में अप्रैल की शुरआत से ही मौसम का मिजाज बिगड़ता नजर आ रहा है जिसके चलते पहले ही दिन प्रदेश के कई हिस्सों में बदल छाए रहे है जिसके चलते तेज धुप के बीच राहत की साँस मिली है। Haryana Weather
अब फिर नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के आसमान पर बादलों का डेरा रहेगा। जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बारिश होने की संभावना है।
3 और 4 अप्रैल को येलो अलर्ट Haryana Weather

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हरियाणा में 3 और 4 अप्रैल को मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है जिसके चलते कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से धूलभरी हवाएं चलने की संभावना है।
ओलावृष्टि की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ के असर से कहीं-कहीं ओलावृष्टि की स्थिति भी बन सकती है। बुधवार को हिसार और आसपास के इलाकों में दोपहर बाद छाए बादलों ने गर्मी से हल्की राहत दिलाई, जिससे अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
मार्च में 19% ज्यादा हुई बरसात
आमतौर पर मार्च का महीना गर्मियों की दस्तक माना जाता है, लेकिन इस बार बार-बार आए पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम को खुशनुमा बनाए रखा। आंकड़ों की बात करें तो हरियाणा में इस साल मार्च में सामान्य से 19 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। Haryana Weather
जबकि प्रदेश में मार्च के दौरान औसत 17.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 15.1 मिमी रहता है। वही बारिश के मामले में रोहतक और रेवाड़ी अव्वल रहे, जहां बादल जमकर बरसे। और सिरसा, जींद और फतेहाबाद में मानसून जैसी सक्रियता नहीं दिखी और यहां बारिश का ग्राफ सामान्य से नीचे रहा।
रात में बढ़ेगी गर्मी, दिन में सुकून Haryana Weather
वर्तमान में प्रदेश का पारा सामान्य के इर्द-गिर्द घूम रहा है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में औसतन 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। वही सोनीपत रहा सबसे ठंडा प्रदेश में सबसे कम 13.9 डिग्री तापमान सोनीपत में रिकॉर्ड किया गया। जबकि अधिकतम तापमान अंबाला 33 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, और नारनौल में पारा 27.5 डिग्री तक सिमटा रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से रातों के तापमान में इजाफा होगा, लेकिन बारिश के चलते दिन के वक्त फिलहाल लू या प्रचंड गर्मी जैसी स्थिति नहीं बनेगी। Haryana Weather
खेती और आम जनजीवन पर असर
बेमौसम बारिश और तेज हवाएं गेहूं की कटाई के सीजन में किसानों की चिंता बढ़ा सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें। आम लोगों के लिए यह मौसम गर्मी से राहत लेकर आएगा, लेकिन धूलभरी आंधी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

