ipl match csk vs pbks: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 7 वे मैच में CSK का मुकाबला PBKS के साथ एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपॉक में हुआ जिसके चलते इस मैच में काफी उल्ट फेर देखने को मिला। जिसके चलते पंजाब किंग्स ने पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स को उसी के घरेलू मैदान में 5 विकेट से करारी हर दी है।
जिसके चलते टीम ने महज 18 .4 ओवर ने ही 210 रनों का स्कोर प्राप्त किया। CSK के लिए यह हार करारा झटका है। इसी के चलते IPL के शुरआत में ही CSK को यह लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है।
आर्या का तूफान और अय्यर की 50 ipl match csk vs pbks

210 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य चेपॉक की पिच पर कभी आसान नहीं होता, लेकिन पंजाब के इरादे कुछ और ही थे। जिसके चलते प्रियांश आर्या की सलामी बल्लेबाज ने मैच की दिशा तय कर दी। उन्होंने महज 11 गेंदों में 39 रनों की ऐसी पारी खेली कि चेन्नई के गेंदबाज लाइन-लेंथ भूल गए। ipl match csk vs pbks
इसके बाद प्रभसिमरन सिंह 43 रन और कूपर कॉनोली ने 36 रन पारी खेलकर मैच को आगे बढ़ाया। वही श्रेयस अय्यर ने 29 गेंदों में शानदार 50 रन बनाए और टीम को जीत की दहलीज पर खड़ा कर दिया। अंत में शशांक सिंह और मार्कस स्टॉयनिस ने बिना किसी दबाव के मैच खत्म किया।
आयुष म्हात्रे की चमक रह गई फीकी
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत खराब रही जब संजू सैमसन 7 रन जल्दी पवेलियन लौट गए।
इसके बाद युवा आयुष म्हात्रे और कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 96 रनों की शानदार साझेदारी हुई। आयुष म्हात्रे ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 43 गेंदों में 73 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल थे। मध्यक्रम में सरफराज खान 32 रन और शिवम दुबे नाबाद 45 रन ने तेज तर्रार पारियां खेलकर टीम का स्कोर 209 तक पहुंचाया।
पंजाब के लिए विजयकुमार वैशक सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 2 विकेट चटकाए। युजवेंद्र चहल और जेवियर बार्टलेट ने भी अहम मौकों पर विकेट निकालकर चेन्नई की रफ्तार पर अंकुश लगाया।
चेन्नई के लिए खतरे की घंटी ipl match csk vs pbks
चेपॉक में चेन्नई को हराना किसी भी टीम के लिए हिमालय फतह करने जैसा होता है, लेकिन पंजाब ने यह कारनामा 8 गेंद शेष रहते कर दिखाया। चेन्नई के गेंदबाजों नूर अहमद और खलील अहमद, का बेअसर होना कप्तान ऋतुराज के लिए चिंता का विषय है। लगातार दो हार के बाद अब सीएसके को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा, क्योंकि अंक तालिका में पिछड़ना बाद में भारी पड़ सकता है।

