एकता क्रांति, जींद :
Manisha Barsana : नागरिक अस्पताल में तैनात नर्सिंग आफिसर मनीषा बरसाना जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है। वह 200 से अधिक सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई है। जिला प्रशासन ने भी मनीषा को उनके अच्छे कार्य के लिए सम्मानित किया था। कोरोना काल में मनीषा खुद बीमार होने के बावजूद अस्पताल में मरीजों की सेवा के लगातार आती रही थी।
मनीषा का कहना है कि मानव सेवा के उद्देश्य को लेकर उसने नर्सिंग प्रोफेशन चुना है। उनका एक ही उद्देश्य था कि वह ग्रामीण क्षेत्र तक स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीणों को उपलब्ध करवा सकें। उनका गांव बरसाना एप्रोच रोड पर है, जहां वाहनों का आवागमन कम होता है। मनीषा ने कहा कि वह श्रीराम चंद्र बिमला मैमोरियल ट्रस्ट बनाएगी। इस ट्रस्ट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों व दूर दराज के लोगों को हरसंभव स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
बचपन से ही मानव सेवा और मानवता की सेवा का भाव था मन में (Manisha Barsana)
नर्सिंग आफिसर मनीषा बरसाना नर्सों के लिए एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरी हैं। रोगियों की सेवा में समर्पित मनीषा न केवल अस्पताल में अपनी ड्यूटी निभा रही हैं, बल्कि जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मनीषा अब तक 15 से ज्यादा बार रक्तदान भी कर चुकी हैं। आठ साल पहले उनकी नियुक्ति नागरिक अस्पताल में हुई।

हर चेहरे पर मुस्कान लाना लक्ष्य (Manisha Barsana)
नर्सिंग आफिसर मनीषा ने कहा कि हर चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबका लक्ष्य होना चाहिएए। अपनी ड्यूटी के दौरान वह गंभीर मरीजों की देखभाल के साथ-साथ गरीब परिवारों के लिए दवाइयों, जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उनके प्रयासों से कई जरूरतमंद मरीज समय पर उचित इलाज प्राप्त कर स्वस्थ हो चुके हैं। मनीषा जो श्रीराम चंद्र बिमला देवी मेमोरियल ट्रस्ट शुरू करने जा रही है, उसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। ट्रस्ट के तहत कई तरह के निशुल्क मेडिकल कैंप, जागरूकता कार्यक्रम और गरीब महिलाओं व बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य प्रबंध करवाए जाएंगे।
माता-पिता ने सेवा और त्याग की सीख दी (Manisha Barsana)
मनीषा ने बताया कि उनके पिता श्रीराम चंद्र और माता बिमला देवी ने उन्हें सेवा और त्याग की सीख दी। उनकी स्मृति में ही यह ट्रस्ट शुरू किया जा रहा।

