AI Selfie With Daughter : बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान का एआइ सेल्फी विद डाटर अभियान उन माता-पिता के सपनों को साकार कर रहा है। जिनकी गोद में बेटी की हंसी अभी तक नहीं गूंजी। अभियान के मात्र 12 दिनों में बिना बेटी वाले माता-पिता द्वारा 15 हजार से अधिक एआइ सेल्फियां अपलोड की जा चुकी हैं।
किन-किन राज्यों से आ रही है एआई सेल्फी (AI Selfie With Daughter)
महाराष्ट्र, असम, गोवा, गुजरात सहित देश के कई राज्यों से एआइ सेल्फी अपलोड हो रही हैं। सुनील जागलान, जो खुद नंदिनी और याचिका नाम की दो बेटियों के गर्वित पिता हैं, ने नौ जून 2015 को सेल्फी विद डाटर अभियान शुरू किया था। इस अभियान की नींव पर एआइ सेल्फी विद डाटर ने नया अध्याय जोड़ा है। अब कोई भी माता-पिता एआइ इमेज जनरेटर की मदद से अपनी कल्पना की बेटी को जीवंत रूप दे सकते हैं, उसकी चमकदार आंखें, मासूम मुस्कान और परिवार को संपूर्णता देने वाली उपस्थिति।

एआई सेल्फी विथ डॉटर के अभियान का मकसद (AI Selfie With Daughter)
सुनील जागलान ने खुद अपनी कल्पना की तीसरी बेटी धृति की एआइ सेल्फी तैयार की। सुनील जागलान का कहना है कि एआइ सेल्फी लोगों की सोच बदल रही है। कई परिवारों ने बेटी गोद लेने पर विचार किया है। वहीं जिन परिवारों की बेटियां लापता हैं, उनके लिए भी यह अभियान उपयोगी साबित हो रहा है। पुरानी तस्वीरों के आधार पर एआइ उनकी वर्तमान उम्र के अनुरूप जीवंत छवियां तैयार कर रहा है, जो पहचान और जागरूकता बढ़ाने में मदद कर रही हैं। नौ जून को तीन सबसे बेहतरीन एआइ सेल्फी विद डाटर को पुरस्कृत किया जाएगा। पूरे पंचायत स्तर पर हर घर से सेल्फी (वास्तविक या एआइ) अपलोड करने वाले गांव को विशेष सम्मान दिया जाएगा। यह अभियान कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्या का समाधान गुस्से या दबाव से नहीं, बल्कि बेटी के प्रति सकारात्मक भावनाओं और गर्व से करने पर जोर देता है।

