Delhi Private School Fees: दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार नए प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते अक्सर कई बार निजी स्कूलों द्वारा फीस की वसूली को लेकर कई अलग अलग मनमाने तरिके से नियम चलाए जाते है जिसके चलते अब सरकार की और से इस निजी स्कूलों के मनमाने तरीके पर नकेल कसने के लिए लगातार कई प्रयास किये जा रहे है।
जिसके चलते अक़ब कड़े निर्देश दिए गए है कि कोई भी निजी स्कूल अब किसी से भी 1 महीने से ज्यादा कि फीस नहीं मांग सकता। यह फैसला स्कूलों के मनमाने तरिके 3 महीने कि फीस पहले लेने वाले के चलते लिया गया है। Delhi Private School Fees
बता दें कि एक साथ 3 महीने की फीस स्कूल द्वारा लेने पर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। जिसके चलते अब सरकार के इस फैसले से केवल एक महीने की फीस ही स्कूल वसूल पाएगें जिसके चलते बच्चों के माता पिता से अथिक बोझ कम होगा।
एक दम फीस देने से मिलेगा छुटकारा Delhi Private School Fees

दिल्ली समेत पुरे देश में कई ऐसे निजी स्कूल है जो एडमिशन के समय अभिभावकों से 3 महीने की फीस एक साथ मांगते है जिसके चलते अभिभावकों पर अथिक बोझ बढ़ जाता है जिसके चलते निम्न वर्ग के अभिभावकों को फीस देने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। जिसके चलते अब दिल्ली में कोई भी अभिभावक जैसे चाहे वैसे अपनी फीस जमा करवा सकता है। Delhi Private School Fees
अब कोई चाहे तो 1 महीने की और कोई चाहे तो 3 की किसी भी स्कूल की और से कम्पलसरी फीस देने के लिए किसी को भी बाध्य नहीं किया जा सकता। यह फैसला सरकार की और से काफी राहत देने वाला होने के साथ साथ ही स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए भी काफी अहम माना जा रहा है।
आदेश न मानने पर होगी कार्यवाही Delhi Private School Fees
अगर कोई भी स्कूल इन नियमों को मानाने से इंकार करता है और अभिभावकों से फिर एडवांस फीस लेने के लिए दबाव बनता है तो ऐसे में उस स्कूल पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के इस आदेश को अब स्कूलों द्वारा अपनी वेबसाइट या फिर नोटिस बोर्ड पर भी लिखना जरुरी होगा। बता दें कि इस नियम को सख्ती से लागु करने के लिए अधिकारीयों को भी निगरानी के आदेश दिए गए है। जिसके चलते किसी भी अभिभावक कि शिकायत पर साथ के साथ ही कार्यवाही कि जा सके।
ऐसे में अगर कोई भी स्कूल इन आदेशों का पालन नहीं करता तो उसपर तुरंत कार्यवाही होगी। जैसे कि पहले भी बताया है कि इस कार्यवाही में स्कूल का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

