Hydrogen Train update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कब चलेगी और कब इसकी ट्रायल होगी, इसे लेकर मन में सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन को डीजल इंजन के साथ जोड़कर जींद प्लांट से निकाल कर भंभेवा रेलवे स्टेशन पर ले जाया गया। भंभेवा रेलवे स्टेशन पर दो से तीन दिन तक इंजन रहेगा, जहां इसकी टेस्टिंग की जाएगी। जांच के लिए चेन्नई से मेधा कंपनी के इंजीनियर जांच के लिए आए हुए हैं। दिल्ली से रेलवे की तरफ से कुछ एक्सपर्ट भी पहुंचे हुए हैं।
वीरवार को दिनभर इंजन की टेस्टिंग के कार्य चलता रहा। जींद से भंभेवा स्टेशन तक हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन को बगैर चालू किए गए डीजल इंजन के सहारे ले जाया गया है। यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों के तहत की गई, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी परेशानी नहीं हो। हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जींद रेलवे जंक्शन पर दिनभर ट्रेनों का आवागमन रहता है, जिससे काफी शोर रहता है।
Hydrogen Train update : हाइड्रोजन इंजन के पास लगाई RPF जवानों की ड्यूटी
वहीं भंभेवा स्टेशन पर शांत वातावरण है। यहां से दिनभर में केवल तीन ट्रेनों का ही आवागमन होता है। शांत वातावरण में इंजन की टेस्टिंग का काम अच्छे से होगा और एक्यूरेसी भी आएगी। यहां एक से दूसरे ट्रैक पर भी इंजन को लाने में आसानी है। रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। आमजन को इंजन के पास नहीं जाने दिया जा रहा है। चेन्नई से आई टीम इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करेगी।

इंजन के स्टेशनरी ट्रायल में सब कुछ सही पाए जाने के बाद जींद से सोनीपत रेलवे ट्रैक पर मुख्य ट्रायल होगा। बता दें कि जींद रेलवे जंक्शन पर हाइड्रोजन ट्रेन को एक जनवरी को लाया गया था। लेकिन प्लांट में तैयार हाइड्रोजन गैस में नमी बढ़ने की वजह से और अन्य तकनीकी कारणों से ट्रायल में देरी हुई। नमी ज्यादा होने के कारण इंजन में पूरे दबाव के साथ हाइड्रोजन गैस नहीं भरी जा सकी थी। इंजन में भरी गई गैस को निकाला गया। उसके बाद बाहर से हाइड्रोजन गैस मंगवा कर इंजन में भरी गई।
Hydrogen Train update : मेधा कंपनी ने तैयार की है हाइड्रोजन ट्रेन
चेन्नई की मेधा कंपनी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को तैयार किया है। इस ट्रेन के इंजन में काफी एडवांस तकनीक हैं। अगर गैस लीकेज हो जाती है, तो उसकी चेतावनी इंजन में लगी स्क्रीन पर आ जाएगी। इस ट्रेन के कोच में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं। इस ट्रेन में आठ कोच होंगे। 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ये ट्रेन दौड़ेगी।

