UPI New Rules: भारत में वर्तमान में UPI काफी लोकप्रिय हो गया है। अब नए शुल्क UPI भुगतान पर लगन के लिए चर्चा चल रही है। जिसके चलते अब नए नियम में करीब 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर अतरिक्त इंटरचेंज शुल्क लिया जाएगा। लेकिन आम यूजर्स के लिए यह सर्विस वैसे ही मुफ्त रहेगी।
इस बदलाव से डिजिटल भुगतान की प्रक्रिया पर लगने वाली लागत र भी स्थिर और संतुलित होगी। ब UPI के नए नियमो में बैंक खतों से एक व्यक्ति से दूसरे को भेजे गए पैसों पर कोई अन्य शुल्क नहीं लगेगा। आम यूजर्स पर यह कोई भी प्रभाव नहीं डालेगी।
UPI क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है UPI New Rules

Unified Payments Interface सिस्टम भारत में सबसे सुरक्षित और सफल डिजिटल भुगतान प्रणाली है। आंकड़ों के मुताबिक हर महीने करीब 12 अरब तक की ट्रांजैक्शन UPI के मध्य से की जाती है। UPI की सफलता के मुख्य कारण तत्काल भुगतान सुविधा के साथ ही बिना शुल्क के व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांसफर हो जाता है कर मोबाइल आधारित आसान उपयोग भी है इससे छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यवसाय तक व्यापक उपयोग भी किया जा रहा है।
जो काफी अहम है। अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ डॉ. राकेश मेहरा के अनुसार अब UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को लोकतांत्रिक बनाया है। अब गांवों तक भी डिजिटल ट्रांजैक्शन सामान्य हो चुका है। UPI New Rules
2000 रुपये से ऊपर UPI भुगतान पर क्या नया नियम लागू हुआ
जैसे कि पहले भी बताया गया है कि 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर ही अतरिक्त शुल्क लगाया गया है। यह नया शुल्क तभी लागु होगा अगर भुगतान किसी व्यपारी को किया जाए या फिर भुगतान प्रीपेड वॉलेट जैसे Paytm Wallet या PhonePe Wallet से किया गया है। या फिर यह ट्रांजैक्शन राशि 2000 रुपये से अधिक हो।
इस प्रकार शुल्क नहीं लगेगा
जानकारी के लिए बता दें कि बैंक खाते से व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांसफर करने पर कोई भी शुल्क नहीं लगेगा और परिवार या दोस्तों को पैसे भेजना पर या सामान्य बैंक आधारित UPI भुगतान पर भी शुल्क नहीं लगेगा। इसका मतलब है कि आम उपयोगकर्ता जो अपने बैंक खाते से सीधे भुगतान करते हैं, उन्हें अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किन लोगों पर पड़ेगा
इस नियम का सीधा प्रभाव आम उपयोगकर्ता से ज्यादा व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं पर पड़ेगा। बड़े व्यापारियों को इंटरचेंज शुल्क देना पड़ सकता है। छोटे दुकानदारों को भुगतान लागत में थोड़ा बदलाव महसूस हो सकता है। और कुछ व्यापारी अपने खर्च को संतुलित करने के लिए कीमतों में मामूली समायोजन कर सकते हैं। भारत सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक डिजिटल भुगतान नकद लेनदेन से आगे निकल जाए। UPI New Rules

