Vinesh Phogat : जुलाना से कांग्रेस विधायक एवं ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंटरनेट मीडिया पर साझा किए वीडियो में विनेश ने कहा, उत्तर प्रदेश के गोंडा में 10 से 12 मई के बीच सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट हो रहा है। कुछ मजबूरियों के चलते वे कहना चाहती हैं, बृजभूषण शरण के खिलाफ शिकायत करने वाली उन छह पीड़ितों में वे भी शामिल हैं। उनकी गवाही कोर्ट में चल रही है। उसके (बृजभूषण शरण) घर (गोंडा) में जाकर मुकाबला लड़ना मुश्किल होगा। उसे नहीं लगता, वह अपना सौ प्रतिशत दे पाएंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।
वह और उसकी टीम मुकाबला लड़ेगी। अगर किसी के साथ कुछ गलत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।विनेश ने इंटरनेट मीडिया पर जारी वीडियो में कहा, आप सब को नमस्कार। वह पिछले डेढ़ साल से कुश्ती मैट से दूर थी। कुछ महीनों से वह दोबारा तैयारियों में जुटी हैं। जैसे उसने पहले देश के लिए मेडल जीते। परमात्मा के आशीर्वाद और आप सबके सहयोग से फिर से चाहती हैं, रेसलिंग मैट पर जाकर देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतें और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं। करीब एक महीना पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक काम्पिटिशन की घोषणा की। यह टूर्नामेंट जहां पर करवाया जा रहा है, वो गोंडा यूपी है, जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कालेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ा नामुमकिन है।

बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है (Vinesh Phogat)
विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने प्वाइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहे हैं। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा। ऐसा प्रतीत होता है, बृजभूषण को फ्री हैंड दे दिया गया है, वे कुछ भी करें। महिला पहलवानों के साथ कैसा भी व्यवहार हो, प्रशासन उनके साथ खड़ा है। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से जाएगा जाएगा और उनकी मेहनत का असल परिणाम मैट पर निकलकर आएगा, इसमें भी शक है।
केस कोर्ट में पेंडिंग है (Vinesh Phogat)
विनेश ने कोर्ट में लंबित केस का जिक्र करते हुए कहा, तीन साल पहले पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी। जिसका मामला कोर्ट में लंबित है। छह महिला खिलाड़ियों ने कोर्ट में गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार किसी भी पीड़ित की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। लेकिन आज कुछ मजबूरियों के कारण सबको कुछ बताना चाहती हैं।
देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। उन छह में से एक पीड़ित वे खुद हैं, जिन्होंने शिकायत दी थी। इसलिए आप स्वयं सोच सकते हैं, उसके (बृजभूषण) घर और कालेज जाकर मुकाबला लड़ना कितना मुश्किल होगा। इसलिए उसे नहीं लगता, वहां जाकर वे मानसिक तौर पर अपना शत प्रतिशत दे पाएंगी। एक लड़की के लिए यह काफी मुश्किल है।
मैट पर फैसला खिलाड़ी के मेहनत के आधार पर हो (Vinesh Phogat)
विनेश आगे कहती हैं, आज भी बृजभूषण दावा करता है, फेडरेशन में उसका दबदबा है। वहां उसी के लोग बैठे हैं। फिर भी भारत सरकार और खेल मंत्रालय कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे। वहां उसके या उसकी टीम के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। बृजभूषण स्वीकार कर चुका है कि उसने एक व्यक्ति की हत्या की थी। जिससे उसकी मानसिकता समझी जा सकती है। वे अपने लिए कोई विशेष सुविधा नहीं चाहती। बस इतना चाहती हैं, मैट पर फैसला खिलाड़ी की मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी गुंडे- बदमाश के रसूख के दम पर।
पेरिस ओलिंपिक के विवाद के बाद लिया था संन्यास (Vinesh Phogat)
18 जनवरी 2023 को विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साल 2024 पेरिस ओलिंपिक में फाइनल में पहुंच गई थी। लेकिन 100 ग्राम वजन ज्यादा पाए जाने पर
विनेश फाइनल मुकाबले से बाहर कर दी गई थी। जिसके बाद उसने संन्यास की घोषणा कर दी थी। लेकिन पांच माह पहले संन्यास वापस लेकर कुश्ती में लौटने का फैसला लिया। 2028 में लास एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेना लक्ष्य है।
विनेश फोगाट के आरोपों पर पक्ष जानने के लिए बृजभूषण शरण का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया। उनके पीए ने काल रिसीव करते हुए कहा, बृजभूषण शरण बैठक में व्यस्त हैं।

