Jind Railway : शहर में चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में जींद से काफी श्रद्धालु वैष्णो देवी मां के दर्शनों के लिए जा रहे हैं। ऐसे में जींद से होकर जम्मू-कटरा की ओर जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। ऐसे में ट्रेन नंबर 16031 अंडमान एक्सप्रेस में स्लीपर में 100 की वेटिंग चल रही है और दूसरी ओर थ्री एसी और टू एसी में जगह ही नहीं बन पा रही है। वहीं ट्रेन नंबर 19803 कोटा- श्री माता वैष्णो देवी धाम एक्सप्रेस में स्लीपर और थ्री एसी में भी जगह नहीं है। वहीं ट्रेन नंबर 16317 हिमसागर एक्सप्रेस में स्लीपर में 186 की वेटिंग चल रही है और थ्री एसी में यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रही है। वहीं ट्रेन नंबर 16787 में स्लीपर में भी जगह नहीं है।
ट्रेन का टाइम शेड्यूल (Jind Railway)
ट्रेन नंबर 16031 अंडमान एक्सप्रेस सुबह पांच बजकर दस मिनट पर चेन्नई सेंट्रल से चलकर नागपुर, भोपाल, ग्वालियर, आगरा, मथुरा, फरीदाबाद, दिल्ली होते हुए रात सवा 11 बजे जींद जंक्शन पर पहुंचती है। यहां दो मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन उचाना, नरवाना, टोहाना, जाखल, धुरी, जालंधर कैंट होते हुए सुबह लगभग पौने 11 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा धाम पहुंचती है। 19803 कोटा- श्री माता वैष्णो देवी धाम एक्सप्रेस दोपहर बाद साढ़े चार बजे के बाद कोटा से चलकर सवाई माधोपुर, गंगानगर सिटी, भरतपुर, मथुरा, फरीदाबाद, नई दिल्ली होते हुए रात लगभग डेढ़ बजे जींद पहुंचती है।

यहां तीन मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन टोहाना, जाखल, धुरी, जालंधर के रास्ते श्री माता वैष्णो देवी कटरा धाम पहुंचती है। ट्रेन नंबर 16317 हिमसागर एक्सप्रेस दोपहर बाद सवा दो बजे कन्याकुमारी से चलकर चित्तौड़, तिरुपति, नागपुर, भोपाल, आगरा, फरीदाबाद, दिल्ली होते हुए जींद पहुंचती है। यहां तीन मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन नरवाना, टोहाना, जाखल होते हुए श्री माता वैष्णो देवी धाम कटरा पहुंचती है। ट्रेन नंबर 16787 तिरुनेलवेली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस शाम छह बजे तिरुनेलवेली से चलकर भोपाल, ग्वालियर के रास्ते रात सवा 11 बजे जींद पहुंचती है। यहां तीन मिनट के ठहराव के बाद ट्रेन संगरूर, धुरी होते हुए सुबह लगभग पौने 11 बजे श्री माता वैष्णो देवी कटरा धाम पहुंचती है।
वैष्णो देवी एक पवित्र तीर्थ स्थल (Jind Railway)
वैष्णो देवी धाम एक प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थल है, जहां माता रानी पिंडी रूप में गुफा में विराजमान हैं। गुफा के अंदर तीन प्राकृतिक चट्टानी पिंडी (महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती) हैं। कटरा से भवन तक 14 किमी की चढ़ाई, जिसके लिए घोड़े, पालकी और हेलिकाप्टर सेवा उपलब्ध है। वैसे तो यात्रा वर्ष भर खुली रहती है, लेकिन गर्मियों और नवरात्रि में भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है। मान्यता है कि वैष्णो देवी की यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती जब तक भक्त भैरवनाथ के मंदिर (भवन से 2.5 किमी दूर) के दर्शन नहीं करते।
चैत्र नवरात्र के चलते ट्रेनों में चल रही वेटिंग (Jind Railway)
चैत्र नवरात्र के चलते जींद से होकर जम्मू की तरफ जाने वाली ट्रेनों में वेटिंग चल रही है। वैष्णो देवी धाम में जींद से काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने जाते हैं। नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। नवरात्र के बाद ट्रेनों में स्थिति सामान्य होने की संभावना है।

