HBSE New Passing Rules: हरियाणा बोर्ड का बड़ा फैसला 9वीं और 10वीं में अब 7 विषय अनिवार्य, जानें नया नियम

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HBSE New Passing Rules: हरियाणा में स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव को अब हकीकत में बदला जा रहा है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों को जमीन पर उतारते की प्रक्रिया शुर कर दी गई है। जिससे अब नए नियम जारी कर दिए गए है। यह नए नियम कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए बदले जा रहे है। इस नई निति के चलते अब विद्यार्थियों को नए विषय तो पढ़ने ही होंगे साथ ही अब परीक्षा का परिणाम तैयार करने का तरीका भी बदल दिया गया है।

जिसके चलते इस नई निति का असर प्रदेश के कई छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। जिसके चलते अब पुराणी निति काफी हद तक बदल जाएगी और आधुनिक के साथ साथ – साथ लचीली भी हो जाएगी।

त्रिभाषा फॉर्मूला अनिवार्य हुईं तीन भाषाएं HBSE New Passing Rules

HBSE New Passing Rules: Haryana Board's big decision: Now 7 subjects are compulsory in 9th and 10th, know the new rules
HBSE New Passing Rules: Haryana Board’s big decision: Now 7 subjects are compulsory in 9th and 10th, know the new rules

बोर्ड के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब हाई स्कूल के विद्यार्थियों के लिए त्रिभाषा फॉर्मूला लागू कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब छात्रों को कुल 7 विषयों की पढ़ाई करनी होगी। जो कुछ इस प्रकार है – इसमें अनिवार्य विषय: हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान (ये 5 विषय सभी के लिए जरूरी होंगे)। HBSE New Passing Rules

इसके अलावा भाषा का चयन छात्रों को अब एक अतिरिक्त तीसरी भाषा का चुनाव करना होगा। इससे भाषाई कौशल में सुधार होने की उम्मीद है। जिसके चलते कौशल विकास के लिए इन 6 विषयों के अलावा एक अन्य वैकल्पिक या कौशल आधारित विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा। HBSE New Passing Rules

बेस्ट सिक्स नीति से कम होगा मानसिक दबाव HBSE New Passing Rules

अक्सर देखा जाता है कि छात्र किसी एक कठिन विषय के कारण अपने ओवरऑल प्रतिशत में पिछड़ जाते हैं। इसी समस्या को सुलझाने के लिए बोर्ड ने बेस्ट सिक्स (Best Six) की नीति अपनाई है। HBSE New Passing Rules

कैसे काम करेगा नया रिजल्ट

हालांकि छात्र 7 विषयों की परीक्षा देंगे, लेकिन उनका अंतिम परीक्षा परिणाम उन 6 विषयों के आधार पर तैयार किया जाएगा जिनमें उन्होंने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए होंगे। इस व्यवस्था से छात्रों पर से एक विषय के फेल होने या कम अंक आने का डर खत्म होगा और वे बिना किसी मानसिक दबाव के बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। HBSE New Passing Rules

क्यों पड़ी इस बदलाव की जरूरत

भाषाई विविधता तीन भाषाएं पढ़ने से छात्र न केवल अपनी मातृभाषा और अंग्रेजी, बल्कि किसी एक क्षेत्रीय या विदेशी भाषा में भी पकड़ बना सकेंगे। हरियाणा अब उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जो एनईपी (NEP) को लागू कर रहे हैं। ज्यादा विषयों और लचीले पासिंग नियमों से छात्रों को भविष्य में अपने पसंद के क्षेत्र चुनने में आसानी होगी।

कब से लागू होंगे नए नियम

हरियाणा शिक्षा विभाग के अनुसार, यह नई व्यवस्था आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में समान रूप से प्रभावी कर दी जाएगी। बोर्ड ने साफ किया है कि शिक्षकों को इस नए ढांचे के अनुरूप ढालने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा सकते हैं।

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