Gehu Khareed : सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू हो जाएगी। जिले में जींद, जुलाना, सफीदों, उचाना, अलेवा, पिल्लूखेड़ा और नरवाना मंडी में सरसों की खरीद होगी। फिलहाल मंडियों में सरसों की एकाध ढेरियां आ रही हैं। जोकि प्राइवेट बोली पर 6300 से लेकर 6500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रही है। जबकि सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में समर्थन मूल्य पर इस बार सरसों की कम ही खरीद होने की संभावना है। जिले में करीब 10 हजार एकड़ में सरसों की फसल है। हैफेड को सरसों की खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दूसरी तरफ गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी।

जिले में सात मंडियों सहित कुल 39 जगह पर गेहूं की खरीद होगी। मंडियों में तो प्रशासन की तरफ से साफ- सफाई करवाई है। लेकिन खरीद केंद्रों पर अभी कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। हर साल जिले की मंडियों में अप्रैल में पहले सप्ताह के बाद ही गेहूं आना शुरू होता है। उसी के हिसाब से प्रशासन भी तैयारी करता है। लेकिन इस बार मंडियों में गेहूं की आवक जल्द शुरू हो सकती है। क्योंकि अप्रैल के पहले सप्ताह में सामान्य से अधिक तापमान रहने की वजह से गेहूं पर प्रतिकूल असर पड़ा। ऐसे में जिन क्षेत्राें सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम है, वहां पर गेहूं की फसल समय से पहले पकेगी। पिंडारा, बिरौली, रधाना सहित अन्य गांवों में सैकड़ों एकड़ में गेहूं की फसल पक चुकी है। अगले तीन से चार दिन में कंबाइन से कटाई शुरू हो जाएगी। जिले में दो लाख हेक्टेयर से ज्यादा में गेहूं की फसल है।
फसल खरीद के नए नियमों का किसान व आढ़ती कर रहे विरोध (Gehu Khareed)
फसल खरीद को लेकर सरकार की तरफ से नई गाइडलाइन आई हुई है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिस किसान का नाम है, वह गेट पास कटवाने के लिए तीन व्यक्तियों का चयन कर सकता है। जिसमें ट्रैक्टर चालक सहित कोई भी, या फिर उसके परिवार का कोई भी सदस्य जो उसकी फैमिली आइडी में है। वह बायोमेट्रिक लगा सकता है। जिस मोबाइल नंबर को किसान ने पोर्टल में दिया हुआ है। वह मोबाइल भी साथ लाना होगा। जिस वाहन में गेहूं को अनाज मंडी में लाया जाएगा, उसका नंबर होना जरूरी है। किसानों का कहना है कि ज्यादातर परिवारों में फसल का रजिस्ट्रेशन बुजुर्ग के नाम पर है। रात को फसल कटती है, तो उस समय बुजुर्ग का मंडी में आना संभव नहीं है। सरकार को पुराने नियमों पर ही फसल खरीद करनी चाहिए। मंडी में आढ़तियों के पास डिजिटल कांटे होने चाहिएं। आढ़ती जिसके विरोध में हैं।

पुराने नियमों के अनुसार ही की जाए फसलों की खरीद : सिहाग (Gehu Khareed)
जींद नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुशील सिहाग ने कहा कि आढ़ती फसलों की खरीद के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। बारदाना व लोडिंग की व्यवस्था तो प्रशासन व एजेंसियों को करनी है। सरकार खरीद को लेकर जो नए नियम लेकर आई है, वो सही नहीं हैं। पुराने नियमों के अनुसार ही फसलों की सरकारी खरीद होनी चाहिए। तीन दिन पहले इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
मंडी में साफ- सफाई व अन्य व्यवस्था करवा दी है : सचिव (Gehu Khareed)
जींद मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने बताया कि सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च शुरू हो जाएगी। मंडी में पेयजल, साफ- सफाई सहित अन्य व्यवस्था की जा चुकी है। सरसों की खरीद हैफेड को करनी है। फिलहाल मंडी में जो सरसाें आ रही है, वो प्राइवेट बोली पर 6300 से 6500 रुपये के भाव बिक रही है। गेहूं की एक अप्रैल से खरीद होगी। उससे पहले खरीद केंद्रों पर साफ- सफाई व अन्य व्यवस्थाएं करवा दी जाएंगी।

