LPG Cylinder Haryana: हरियाणा के कई शहरों में अब गैस सिलेंडर की किल्लत को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से कई नए प्रयास किये जा रहे है जिसके चलते अब प्रवासियों और छोटे परिवारों के लिए काफी राहत की खबर सामने आ रही है। LPG Cylinder Haryana
अब हरियाणा में रसोई गैस की बढ़ती मांग की आपूर्ति के लिए अब 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक बाजार में उतरा जा रहा है। जिसके चलते अब लोगों को भारी सिलेंडर का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। ओर आपूर्ति भी पूरी की जा सकेगी।
इन शहरों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत LPG Cylinder Haryana

इसी के चलते हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और हिसार जैसे शहरों में श्रमिकों की एक बहुत बड़ी आबादी रहती है। अक्सर किराए के कमरों में रहने वाले इन लोगों के लिए नियमित गैस कनेक्शन लेना किसी चुनौती से कम नहीं होता। एड्रेस प्रूफ की समस्या और बड़े सिलेंडर की ऊंची कीमत के चलते कई बार ये लोग अवैध रिफिलिंग या महंगे विकल्पों की ओर रुख करते हैं। LPG Cylinder Haryana
जिसके चलते प्रशासन की ओर से इसे पहचानते हुए छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई है। अब अंबाला से लेकर सिरसा तक के श्रमिक और छात्र सिर्फ अपना आधार कार्ड या वोटर आईडी दिखाकर तुरंत सिलेंडर हासिल कर सकते हैं।
जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ LPG Cylinder Haryana
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सूत्रों के अनुसार इन छोटे सिलेंडरों को विशेष रूप से किफायती बनाया गया है। जिससे अब आप मात्र 1500 से 1600 रुपये के बीच सिलेंडर और गैस का पूरा सेट खरीद सकते हैं। और एक बार सिलेंडर खरीदने के बाद, हर बार गैस भरवाने के लिए आपको केवल 600 रुपये के आसपास खर्च करने होंगे। LPG Cylinder Haryana
इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए आपको किसी गैस एजेंसी के चक्कर काटने या लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। पॉइंट ऑफ सेल पर आईडी कार्ड दिखाइए और सिलेंडर लेकर घर जाइए।
प्रशासन की सख्त निगरानी
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि 5 किलो वाले इन सिलेंडरों का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है और आने वाले दिनों में इसकी पहुंच किराना दुकानों और पेट्रोल पंपों तक भी बढ़ाई जा सकती है।
जानकारों का मानना है कि: यह पहल न केवल अवैध गैस रिफिलिंग के धंधे पर लगाम लगाएगी, बल्कि उन अस्थायी श्रमिकों को भी सुरक्षा प्रदान करेगी जो अक्सर असुरक्षित चूल्हों का इस्तेमाल करने को मजबूर होते हैं।”

