Jind news : विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा ने बुधवार को सेक्टर आठ स्थित पालीक्लिनिक पर छापा मारा। निरीक्षण में डाक्टर व स्टाफ सदस्य नदारद मिले। निरीक्षण के दौरान पालीक्लीनिक का गेट अंदर से बंद कर दिया गया। ताकि बाहर गया कोई स्टाफ सदस्य अंदर नहीं आ सके। निरीक्षण में सामने आया कि पंचकर्मा के पांच स्टाफ सदस्य पालीक्लिनिक की बजाय पीएमओ कार्यालय में बैठते हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पालीक्लिकन में कार्यरत छह स्टाफ सदस्य भी अनुपस्थित पाए गए।
डिप्टी स्पीकर के छापा मारने की सूचना मिलते ही डा. विशाल सांगवान और डा. संदीप लोहान पालीक्लिनिक पहुंचे। गेट पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें ये कहते हुए अंदर नहीं जाने दिया कि डिप्टी स्पीकर के निर्देश हैं। डिप्टी स्पीकर ने मौके पर मौजूद पंचकर्मा स्पेशलिस्ट डा. संदीप सहारण से हाजिरी रजिस्टर मंगवा कर चेक किया। डा. विशाल सांगवान रजिस्टर में हाजिरी लगाकर गए हुए थे। कुछ देर बाद गेट खुलने पर डा. विशाल सांगवान और डा. संदीप लोहान डिप्टी स्पीकर के पास पहुंचे। डा. संदीप लोहान ने कहा कि उन्हें सिविल सर्जन ने नागरिक अस्पताल में बुलाया हुआ था। वहीं डा. विशाल सांगवान ने कहा कि वह ड्यूटी कार्य से अपोलो रोड क्षेत्र में गया हुआ था।
Jind news : डॉक्टर की लोकेशन चेक करवाई तो मिला झूठ
डिप्टी स्पीकर ने तुरंत उसकी लोकेशन पता करवाई। उसकी लोकेशन अपोलो चोक की नहीं पाई। उसके बाद डा. विशाल सांगवान ने कहा कि वह नागरिक अस्पताल में गया हुआ था। डिप्टी स्पीकर ने फटकार लगाते हुए कहा कि जितना झूठ बोलोगे, उतनी ही ज्यादा दिक्कत होगी। डा. संदीप लोहान से डिप्टी स्पीकर ने खराब सीसीटीवी कैमरों को लेकर जवाब मांगा। डा. संदीप लोहान ने कहा कि सीसीटीवी को ठीक करवाने के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिखा हुआ है।
जब लिखा हुआ पत्र दिखाने के लिए कहा, तो डा. संदीप लोहान पत्र नहीं दिखा सके। कुछ देर बार एक और चिकित्सक वहां पहुंचा, जिसने बताया कि उसकी जेल में ड्यूटी है। वहां ड्यूटी के बाद नागरिक अस्पताल में चला गया था।
डिप्टी स्पीकर के निरीक्षण का पता चलने के बाद डीसी मोहम्मद इमरान रजा भी वहां पहुंच गए। कुछ देर बाद सिविल सर्जन डा. सुमन कोहली, प्रधान चिकित्सा अधिकारी रघुबीर पूनिया, डिप्टी सिविल सर्जन डा. रमेश पांचाल भी पालीक्लिनिक पहुंचे। डिप्टी स्पीकर ने सिविल सर्जन से जवाब मांगा कि पालीक्लिनिक में 22 दिन से पंचकर्मा का काम बंद क्यों है। यहां डाक्टर भी नहीं आते हैं।
सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। सिविल सर्जन ने कहा कि पंचकर्मा सेंटर को नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सिविल सर्जन के जवाब असंतोष जताते हुए डिप्टी स्पीकर ने कहा कि जब तक शिफ्टिंग नहीं होती, तब तक तो यहां पंचकर्मा का काम होना चाहिए था। मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
Jind news : डॉक्टरी छोड़ राजनीति कर रहे डॉक्टर
बार- बार पूछने पर भी डिप्टी स्पीकर को अपने सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने कहा कि मैं दूध को सफेद कह रहा हूं, जबकि आप सभी दूध को काला बता रहे हैं। पालीक्लिनिक की व्यवस्था देखकर भड़कते हुए डिप्टी स्पीकर ने कहा कि अस्पताल में राजनीति कर रहे हैं। अगर मरीजों का इलाज करने का काम छोड़कर आप राजनीति करेंगे, तो हम लोग राजनीति छोड़कर घर बैठ जाते हैं।
डिप्टी स्पीकर ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी डाक्टर व स्टाफ सदस्य गैर हाजिर पाए गए हैं और अव्यवस्था के लिए जो जिम्मेदार हैं, सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीसी को निरीक्षण रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ये रिपोर्ट कार्रवाई के लिए सरकार को भेजी जाएगी।

Jind news : चिकित्सकों के पालीक्लिनिक में नहीं आने की मिल रही थी शिकायतें
चिकित्सक और स्टाफ के गायब रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। 22 दिन से यहां पंचकर्मा नहीं हो रहा है। मरीज और उनके परिजन अक्सर शिकायत करते रहे हैं कि डाक्टर समय पर उपलब्ध नहीं आते और न ही मिलते हैं। जिससे वह उपचार से वंचित हैं। डिप्टी स्पीकर ने पालीक्लिनिक के मरीजों से भी बातचीत की। एक मरीज ने बताया कि चिकित्सक यहां बैठते ही नही हैं। दवाइयां भी ठीक से उपलब्ध नहीं होती हैं। डा. मिड्ढा ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य विभाग को जवाबदेह बनाया जाएगा और ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं, अगले कुछ दिनों में पालीक्लिनिक की समीक्षा बैठक बुलाई जाए और सभी कमियों को दूर किया जाए।
पंचकर्मा सेंटर में बुरा हाल मिला, सफाई नहीं की जा रही
डिप्टी स्पीकर सुबह करीब साढ़े 11 बजे पालीक्लीनिक पहुंचे। पंचकर्मा सेंटर में कई दिन से सफाई नहीं होने से बुरा हाल था। कमरों में कचरा था, जैसे वह कई दिनों से खुले नही हों। वहां मौजूद स्टाफ सदस्यों ने एक चिकित्सक का नाम लेते हुए कहा कि प्रथम तल पर सफाई करने से उन्होंने मना किया हुआ है। सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए। डिप्टी स्पीकर ने किसी एक्सपर्ट को बुलाकर सीसीटीवी खराब होने के कारणों का पता लगाने के आदेश दिए। जांच में पाया गया कि जानबूझकर तार काटकर सीसीटीवी बंद किए गए हैं और डीवीआर भी नहीं मिली।

जगह की कमी के चलते पालीक्लिनिक में पंचकर्मा सेंटर चलाया जा रहा था
सिविल सर्जन ने डिप्टी स्पीकर के निरीक्षण के बाद अपने कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस करके पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि पंचकर्मा सेंटर आयुष विंग में स्थापित करने की साल 2019 में सरकार की तरफ से प्रयास किए गए थे। तब जगह की कमी के चलते पंचकर्मा सेंटर को पालीक्लिनिक सेक्टर आठ में चलाने के निर्देश थे। अब नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग का भवन बन गया है। इसलिए यहां पंचकर्मा सेंटर शिफ्ट करने का फैसला लिया गया है। पालीक्लिनिक नागरिक अस्पताल से दूर होने की वजह से मरीजों में जाने में परेशानी होती है। इसलिए पंचकर्मा सेंटर नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में शिफ्ट करने के लिए चिट्ठी लिखी गई थी।
पंचकर्मा के डाक्टर व स्टाफ की ज्वाइनिंग नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में होती है। ये पीएमओ आफिस के अधीन आते हैं। उनकों वहां बैठकर कार्य करने के लिए कहा गया था। जिला आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारी से कहा गया था, वे पंचकर्मा का सारा सामान आयुष विभाग के भवन में शिफ्ट करें। आयुर्वेदिक अधिकारियों ने साफ- सफाई क्यों नहीं करवाई, इसका जवाब मांगा जाएगा। सीसीटीवी खराब क्यों हैं, इसकी भी जांच करवाएंगे। मरीजों को परेशानी हो रही है, इसके लिए जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को बैठक के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए। इसी मामले में पिछले सप्ताह पंचकूला से टीम आई थी। उनके जो भी निर्देश होंगे, उनको मान लिया जाएगा।

