World book day : सिसंर गांव निवासी 23 वर्षीय अजय कौशिक द्वारा लिखी गई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने में काफी कारगर साबित हो रही हैं। अजय विद्यार्थियों को एनएमएमएस, सुपर-100, मिशन बुनियाद व सीईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निश्शुल्क तैयारी करवाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए पहले दो पुस्तकें लिखी हैं। इसमें सुमीक्षा हिंदी ब्रह्मास्त्र, सुमीक्षा हिंदी व्याकरण शामिल हैं। वहीं एनएमएस हरियाणा के नाम से लिखी पुस्तक का विमोचन वीरवार को विश्व पुस्तक दिवस पर किया जाएगा।
पहली पुस्तक प्रकाशित कब हुई (World book day)
एनएमएस परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को हरियाणा एनएमएसएस पुस्तक नाम से लिखी गई है। वहीं सुमीक्षा हिंदी व्याकरण 2021 में प्रकाशित हुई थी। जब उन्होंने यह पहली पुस्तक प्रकाशित की थी, तो उनकी आयु 19 वर्ष थी। वहीं 2024 में सुमीक्षा हिंदी ब्रह्मास्त्र नामक किताब प्रकाशित हुई थी।

इन दो किताबों से होती है विद्यार्थियों की तैयारी (World book day)
यह दोनों की किताबें विद्यार्थियों को एचटेट व सीईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हिंदी व्याकरण की तैयारी करवाने में मदद करती है। वह 2023 से विद्यार्थियों को निश्शुल्क कोचिंग दे रहे हैं। अभी 85 विद्यार्थी अजय कुमार के पास शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वे आसपास के गांव के बच्चों को जोड़ने के लिए इंटरनेट मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इसके लिए उन्होंने विद्यापथ गुरुकुल के नाम से यूट्यूब चैनल और प्ले स्टोर पर भी एप्लीकेशन बना हुआ है। वह रोजाना दोपहर बाद चार बजे से लेकर शाम सात बजे तक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं।
10 विद्यार्थियों का हुआ एनएमएस में चयन (World book day)
अजय कुमार ने बताया कि पिछले तीन साल के दौरान उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थियों में से 10 विद्यार्थियों का चयन मिशन बुनियाद परीक्षा में हुआ है। वहीं एनएमएस में छह, सुपर-100 में तीन और सीईटी परीक्षा में पांच परीक्षार्थियों ने क्वालीफाइ किया है। अजय कुमार अभी हिंदी विषय में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र से एमए कर रहे हैं। एनएमएमएस शिक्षा मंत्रालय द्वारा कक्षा आठ के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों के लिए आयोजित एक केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना है। चयनित छात्रों को कक्षा नौवीं से 12वीं तक प्रति वर्ष 12 हजार रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाते हैं। इसी प्रकार मिशन बुनियाद व सुपर-100 में विद्यार्थियों को नीट व जेईई मींस जैसी प्रतियोगी परीक्षाअों की तैयारी करवाई जाती है।

