Jind news : जींद जिला परिवहन विभाग की ओर से वीरवार को स्कूली बसों की जांच का अभियान चलाया गया। इस दौरान पांच स्कूलों में 21 बसों की जांच की गई। इसमें से आठ बसों में कैमरा, फर्स्ट एड बाक्स, फायर सिलिंडर, टैक्स व इंडिकेटर नहीं मिलने पर साढ़े 62 हजार रुपये का चालान किया गया।
दो सप्ताह बाद यह अभियान वीरवार को चलाया गया है। इससे पहले हिट एंड रन केस व रोड रेफ्टी से संबंधित होने वाली बैठक के चलते बसों की जांच नहीं हो पाई थी। बता दे कि सप्ताह में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम स्कूली बसों की जांच को लेकर अभियान चलाती है। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआइ, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाता है।

जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है, जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, सहित चालक व परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है। जिले में 350 से ज्यादा निजी स्कूल हैं। इसमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल व घर पर ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था होती है। नियमानुसार इसमें एक सहायक भी तैनात होता है। इसके अलावा बस में जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे भी लगे होना अनिवार्य होते हैं। बस का परमिट व चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते। बस भी ज्यादा स्पीड में चलाते हुए पाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम द्वारा बसों की जांच की जाती है और जांच के दौरान खामियां पाए जाने पर चालान किया जाता है।
जारी रहेगा बसों की जांच का विशेष अभियान (Jind news)
स्कूली बसों की जांच के लिए हर वीरवार को अभियान चलाया जाता है। जांच के दौरान जो-जो कमियां पाई जाती हैं, उस आधार पर बसों का चालान किया जाता है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों की जांच कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा मुहैया करवाना है। ऐसे में सभी बस संचालकों को चाहिए कि वह बस से संबंधित सभी दस्तावेज पूरे रखें।
–बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर जिला परिवहन विभाग

