Jind Mausam update : भीषण गर्मी, लू और बिजली कटों ने किया बेहाल

Date:

Jind Mausam update : जींद जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 32 डिग्री रहा। दोपहर को लू चलने से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं देर शाम तक भी गर्म हवा चल रही है। राजकीय स्कूलों में पीने के पानी को लेकर समस्या आ रही है। छतों पर रखी टंकियों में पानी गर्म हो रहा है। वहीं ज्यादातर प्राथमिक स्कूलों में वाटर कूलर नहीं हैं। कुछ स्कूलों में वाटर कूलर हैं, तो खराब पड़े हैं। वहीं बिजली खपत बढ़ने की वजह से फीडर पर लोड बढ़ गया है। जिसके कारण फाल्ट आ रहे हैं और अघोषित कट लग रहे हैं। मंगलवार रात को 33 केवी पांडू पिंडारा ब्रेकडाउन की वजह से अर्बन एस्टेट और डिफेंस कालोनी में साढ़े तीन घंटे से ज्यादा समय बिजली गुल रही। जिससे लोगों को रात को गर्मी में परेशानी झेलनी पड़ी।

शिकायत केंद्र में बार- बार लोग फोन करते पूछते रहे कि बिजली सप्लाई कब आएगी। वहीं बुधवार दोपहर बाद साढ़े तीन से शाम साढ़े छह बजे तक डीआरडीए के सामने हुडा मार्केट व आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रही। मार्केट में दुकानों में रखे इन्वर्टर- बैटरी जवाब दे गए और काम ठप हो गया। पिछले चार दिनों की बात करें, तो 26 लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ी है। 16 मई को जींद सर्कल में 62 लाख यूनिट, 17 मई को 75 लाख यूनिट, 18 मई को 78 लाख यूनिट बिजली खपत रही। 19 मई को बिजली खपत बढ़कर 88 लाख यूनिट पर पहुंच गई। आगामी दिनों में गर्मी से राहत के आसार नहीं है। ऐसे में बिजली की खपत में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।

Jind Weather Update: Scorching heat, heatwave and power cuts have caused misery
Jind Weather Update: Scorching heat, heatwave and power cuts have caused misery

 

स्कूलों में कहीं वाटरकूलर खराब पड़ा तो कहीं कैंपर मंगवाने को मजबूर (Jind Mausam update)

जींद शहर के न्यू कृष्णा कालेानी स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में आरओ नहीं है। पानी खारा होने के कारण शिक्षकों की मांग है कि यहां आरओ की व्यवस्था होनी चाहिए। स्कूल 145 गज में है। 1998 से स्कूल चल रहा है। स्कूल में बालवाटिका से पांचवीं कक्षा तक के 60 विद्यार्थी हैं, लेकिन विद्यार्थियों के बैठने के लिए केवल एक कमरा है। बालवाटिका से तीसरी कक्षा के विद्यार्थी कमरे में बैठते हैं और चौथी व पांचवीं कक्षा के विद्यार्थी बाहर बरामदे में बैठते हैं। स्कूल में तीन शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन अगर लाइट चली जाए तो वहां जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। अगर ड्यूल डेस्क की मांग की जाए तो वहां पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में विद्यार्थी दरी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है।

स्कूल में छात्रों के लिए सबमर्सिबल लगाया हुआ है। वहीं भिवानी रोड स्थित बाल आश्रम स्कूल में वाटर कूलर खराब पड़ा है। हालांकि स्कूल में विद्यार्थियों के लिए सबमर्सिबल की व्यवस्था है, लेकिन स्कूल की इमारत काफी पुरानी है। स्कूल की इमारत 50 साल पुरानी है। दीवारों में दरारें और छतों में सीलन है। थोड़ी सी बारिश में ही पानी भर जाता है। छात्र ज्यादा हैं और जगह कम है। यहां तीन स्कूल के छात्र दो शिफ्ट में पढ़ते हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था भी नहीं है।

Jind Weather Update: Scorching heat, heatwave and power cuts have caused misery
Jind Weather Update: Scorching heat, heatwave and power cuts have caused misery

पीने का पानी भी सप्लाई का आता है। एक ही भवन में बाल आश्रम का प्राइमरी और माध्यमिक विद्यालय के अलावा दूसरी शिफ्ट वाल्मीकि बस्ती स्कूल भी लगता है। बाल आश्रम माध्यमिक विद्यालय में पहली शिफ्ट में सुबह सात से साढ़े 12 बजे तक छठी से 10वीं कक्षा तक के 400 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। पहली शिफ्ट सुबह सात बजे से लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे तक चलती है। दूसरी शिफ्ट पौने एक बजे से लेकर सवा छह बजे तक लगती है। स्कूल का भवन पुराना होने के कारण सड़क से काफी नीचे हो गया है। इसके कारण बारिश का पानी अब स्कूल से बाहर नहीं निकल पाता। ऐसे में थोड़ी से बारिश होते ही पानी जमा हो जाता है।

नरवाना के राजकीय स्कूल में बच्चों को नहीं मिल रहा ठंडा पानी, कैंपर मंगवाने पर मजबूर (Jind Mausam update)

भीषण पड़ रही गर्मी के बीच विद्यार्थियों को कंठ सुखाने के लिए ठंडा पानी की जरूरत है, लेकिन वहीं राजकीय स्कूलों में ग्राम पंचायत व ग्रामीणों के सहयोग से वाटर कूलर तो लगवा दिए गए हैं। स्कूल समय में बिजली न आने के कारण वाटर कूलर नहीं चल पा रहे हैं। इसके कारण बच्चे गर्म पानी कैसे पी सकते हैं। राजकीय स्कूल में बच्चों को पीने का पानी ठंडा मिल रहा है या नहीं। इसकी पड़ताल पत्रकारों के प्रतिनिधि द्वारा की गई। सबसे पहले राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, नरवाना में जाकर देखा गया, तो पाया कि तेज पड़ती धूप में छत के ऊपर पानी की टंकी रखी हुई थी।

हालांकि स्कूल में बोर करवाया हुआ है, तो 300 विद्यार्थियों को बोर से पीने का पानी मुहैया करवाया जा रहा था, लेकिन अगर बिजली चली जाए तो विद्यार्थियों को धूप में तपती टंकी का पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में बच्चों को घर से पानी की बोतलें लानी पड़ती हैं। बच्चों को ठंडा पानी न मिलने के बारे में मुख्य शिक्षक सुखवंत सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सप्लाई व बोर का पानी बच्चों को मिल रहा है। वाटर कूलर का ठंडा पानी पीने से बच्चे बीमार पड़ जाएंगे, जिससे अभिभावकों को ही परेशानी होगी।

वहीं गांव ढाकल के शहीद सुरेश कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वाटर कूलर तो लगा हुआ है। लेकिन गांव में अक्सर दिन में बिजली नहीं रहती है। जिस कारण वाटर कूलर बिजली न होने की वजह से बंद पड़ जाता है। स्कूल में लगभग 320 विद्यार्थी हैं, तो गर्मी के मौसम में बिना पानी के एक मिनट भी नहीं रहा जा सकता। ऐसे में सरपंच अनिल कुंडू के सहयोग से 20 कैंपर पानी के स्कूल में मंगवाए जाते हैं और 10 कैंपर स्टाफ मिल-जुलकर मंगवाता है। हर कक्षा में पानी के कैंपर रख दिए जाते हैं, ताकि उनको पानी के लिए बाहर न भटकना पड़े। स्कूल के शिक्षक ने बताया कि हालांकि स्कूल में सौर ऊर्जा पैनल लगवाए गए हैं, लेकिन उससे जो बिजली बनती है, उससे कक्षाओं, लिपिक कार्यालय का ही काम चलता है। वाटर कूलर चलाने के लिए ज्यादा वाट की आवश्यकता होती है।

Spread the love
Rahul Hindustani
Rahul Hindustanihttp://ektakranti.in
राहुल हिंदुस्तानी हरियाणा की पत्रकारिता में सक्रिय एक निर्भीक और जनसरोकारों से जुड़े पत्रकार हैं। राहुल हिंदुस्तानी जमीनी मुद्दों, प्रशासनिक मामलों और राजनीतिक गतिविधियों पर सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी पत्रकारिता की पहचान है—तथ्य आधारित खबरें, बेबाक अंदाज और जनहित को प्राथमिकता।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular

Recently Post
Related