Haryana Weather in hindi: हरियाणा में लगातार तापमान में अब बढ़ोतरी देखने को मिल रही है जिसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जिसके चलते जनजीवन पर भी इसकी करारी मार पड़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अभी तो यह शुरुआत है आने वाले समय में सूरज की तपीश और तेज होगी और तापमान में काफी वृद्धि देखने को मिल सकती है। Haryana Weather
इसी के चलते अब देश में रोहतक सबसे गर्म रहा है यहाँ पारा 42.3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। जिसके चलते आने वाले समय में और ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
लू की तपिश के लिए रहें तैयार Haryana Weather

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 20 अप्रैल के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की प्रबल संभावना है। कुछ इलाकों में तो पारा 45 डिग्री के निशान को भी छू सकता है, जो सीधे तौर पर ‘हीट वेव’ या लू जैसी स्थिति पैदा करेगा। आज 20 अप्रैल सुबह की शुरुआत ही तेज तपिश धुप की किरणों के साथ हो रही है।
अगले 7 दिनों का मौसम का मिजाज
अगले सप्ताह के मौसम का पैटर्न काफी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है – 20 और 21 अप्रैल इन दो दिनों में सूरज की तपिश अपने चरम पर होगी। सुबह से ही तेज धूप लोगों को परेशान करेगी। दिन का तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस तक रहने के आसार हैं। दोपहर के समय लू के थपेड़े चलने की चेतावनी दी गई है, इसलिए सावधानी जरूरी है।
22 अप्रैल को मौसम में आंशिक बदलाव की उम्मीद है। आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं और शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। Haryana Weather
23 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर और पश्चिमी जिलों को थोड़ी राहत मिल सकती है। यहां हल्की बूंदाबांदी या बारिश होने के आसार हैं, हालांकि इसके बावजूद पारा 40 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा।
सावधानी ही बचाव है Haryana Weather
तापमान में यह तेजी न केवल स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि खेतों और जल संसाधनों पर भी इसका दबाव बढ़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थों का सेवन करें।
आगे एक सप्ताह कैसा Haryana Weather
हरियाणा में अगले एक सप्ताह तक भीषण गर्मी और लू की चेतावनी है। तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं, हालांकि 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ से थोड़ी राहत मिल सकती है।

