Jind Bar Election Ban : जींद जिला बार एसोसिएशन के 27 फरवरी को होने वाले चुनाव पर रोक लगाने के लिए काउंसिल आफ इंडिया की तरफ से पत्र जारी किया गया है। चुनाव के खिलाफ बार एसोसिएशन कार्यकारी प्रधान विकास लोहान ने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल और बार काउंसिल आफ इंडिया को शिकायत भेजी थी।
वहीं दूसरी तरफ चुनाव करवा रही कमेटी द्वारा नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी दलबीर का कहना है कि बार काउंसिल आफ इंडिया को जिला बार एसोसिएशन के चुनाव पर रोक लगाने की अथारिटी नहीं है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही चुनाव करवाए जाएंगे। बार एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान विकास लोहान ने रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए कहा कि जिला बार एसोसिएशन का 27 फरवरी को होने वाला चुनाव असंवैधानिक है।
जिला बार एसोसिएशन इसका पूर्ण रूप से बहिष्कार करती हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर में जिला बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों के अनुरोध पर आगामी चुनाव करवाने के लिए एक पांच सदस्य कमेटी गठित की थी। यह कमेटी जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी द्वारा गठित की गई थी, जो कमेटी नियमित रूप से अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए थी। इस समय पंजाब व हरियाणा में पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया जारी है, यह चुनाव 18 मार्च को संपन्न होने हैं।

Bar Election : 19 फरवरी को गैर संवैधानिक बैठक में घोषित किया था चुनाव
जिला बार एसोसिएशन जींद के चुनाव के बारे में उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल को अपना अनुरोध पत्र भेज दिया था। लेकिन पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव होने के कारण जिला बार एसोसिएशन जींद के चुनावों पर आठ दिसंबर को बार काउंसिल आफ इंडिया ने रोक लगा दी थी। इस आदेश की जानकारी जिला बार एसोसिएशन के कार्यकारी प्रधान व चुनाव समिति के सदस्यों द्वारा एसोसिएशन के सभी सदस्यों को दे दी गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि 19 फरवरी को बार के पूर्व उप प्रधान विशाल खटकड़ ने बार के कुछ सदस्यों की गैर संवैधानिक बैठक बुला कर जिला बार एसोसिएशन का गैर संवैधानिक चुनाव घोषित कर दिया। रविवार को प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान देवेंद्र लोहान, शमशेर जागलान, हेमंत सुखीजा, सुनील शर्मा, मंजीत श्योराण, बिजेंद्र लाठर, कंवर रामपाल राणा, मुकेश लाठर, रामरूप चहल, जितेंद्र पहल, सुरेंद्र रेढू, संदीप बेनीवाल, संदीप राणा, संदीप लाठर, प्रमोद गहलावत, बलजीत मोर, सुमित सिहमार, धीरेंद्र सैनी, अनिल गौतम, राहुल शर्मा, सुनी व, सन्नी मौजूद रहे।
Bar Election ban : चुनाव के लिए ये तय किया गया था शेड्यूल
19 फरवरी को कुछ वकीलों द्वारा बुलाई हाउस की बैठक में चुनाव के लिए बनाई कमेटी ने दलबीर शर्मा को निर्वाचन अधिकारी चुना था। कमेटी ने चुनाव का शेड्यूल जारी किया था। जिसके अनुसार 20 व 21 को नामांकन लिए गए, 22 फरवरी को नामांकनों की छंटनी, 23 फरवरी को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक नाम वापसी और चार बजे उम्मीदवारों की अंतिम लिस्ट जारी करने, 27 फरवरी को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान का शेड्यूल बनाया गया।
Bar Election ban : चुनाव प्रक्रिया 45 दिन में होनी चाहिए पूरी
कार्यकारी प्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस चुनाव प्रक्रिया में आठ सदस्यों की असंवैधानिक चुनाव समिति बनाई गई है। समिति द्वारा केवल सात दिन में चुनाव संपन्न करवाने की प्रक्रिया जारी की है, जबकि नियमानुसार इस प्रक्रिया को 45 दिन में पूरा किया जाना था। इस चुनाव की कोई वोटर लिस्ट आरओ द्वारा जारी नहीं की गई और ना ही वोटर लिस्ट पर किसी बार सदस्य की आपत्ति के बारे में कोई प्रक्रिया जारी की गई है।
Bar Election ban : 19 को कार्यकारी प्रधान ने भेजी थी शिकायत
कार्यकारी प्रधान विकास लोहान ने 19 फरवरी को पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल की चुनाव अधिकारी रिटायर्ड न्यायाधीश जैश्री ठाकुर को शिकायत भेजी थी। रिटायर्ड न्यायाधीश जैश्री ठाकुर ने आगामी कार्रवाई के लिए यह अनुरोध पत्र बार काउंसिल आफ इंडिया को भेज दिया था। शनिवार को बार काउंसिल आफ इंडिया ने जिला बार एसोसिएशन के 19 फरवरी को घोषित चुनाव प्रक्रिया व प्रस्तावित चुनाव 27 फरवरी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी। जारी पत्र में हिदायत दी गई कि इस असंवैधानिक प्रक्रिया को आगे ना बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रोक कर 48 घंटे के अंदर बार काउंसिल आफ इंडिया को रिपोर्ट करे।
निर्धारित शेड्यूल अनुसार चुनाव होगा : एडवोकेट दलबीर
वहीं बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नियुक्त किए रिटर्निंग अधिकारी एडवोकेट दलबीर ने कहा कि जिला बार एसोसिएशन का चुनाव रोकने की बार काउंसिल आफ इंडिया काे कोई अथारिटी नहीं है। इस संबंध में उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले साल के फैसले का हवाला दिया। साथ ही कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाती है, तो वह पूरी होकर रहेगी। उसको बाद में चुनौती दी जा सकती है।
नामांकनों की छंटनी हो चुकी है। सोमवार को नामांकन वापसी का समय 27 फरवरी को निर्धारित शेड्यूल अनुसार मतदान होगा। एडवोकेट दलबीर ने कहा कि विकास कार्यकारी प्रधान नहीं हैं, वे अब पूर्व प्रधान हैं, उनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। इन्होंने खुद के वोट के चक्कर में ऐसा करवाया है। इनको शिकायत करने का भी अधिकार नहीं है। बार एसोसिएशन के हाउस का चुनाव करवाने का फैसला है, जिसने चुनाव करवाने के लिए कमेटी बनाई है।

