Namo Bharat Train: देश में सार्वजानिक परिवहन को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे है जिसके चलते अब दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के सफल होने के बाद से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच अच्छी कनैक्टिविटी के लिए नई परियोजना चलाई जा रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब नमो भारत ट्रैन को हरिद्वार और योग नगरी ऋषिकेश तक चलने की योजना बनाई जा रही है। Namo Bharat Train
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई मीटिंग में इस रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का प्रस्ताव रखा गया है। जिसके चलते अब दिल्ली से उत्तराखंड के पयर्टन स्थलों की और आने के लिए श्रद्धालुओं को बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे कनैक्टिविटी मिलेगी।
मोदीपुरम बनेगा मेगा जंक्शन और रुड़की और मुजफ्फरनगर के रास्ते दौड़ेगी ट्रेन Namo Bharat Train

इस योजना के मुताबिक मेरठ से मोदीपुरम स्टेशन से इस प्रस्ताव की शुरुआत की जाएगी। यह रूट नेशनल हाईवे-58 के साथ साथ ही आगे बढ़ेगा। मेरठ के औद्योगिक और शैक्षिक हब से होता हुआ मुजफ्फरनगर के खतौली तक आएगा। इसके बाद यह कॉरिडोर पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर एक अहम स्टेशन बनाया जाएगा।
जिसके बाद यह ट्रैन रुड़की से जोड़ते हुए हरिद्वार के ज्वालापुर और अंत में ऋषिकेश तक अपनी रफ़्तार भरेगी। यह कॉरिडोर पर आगा उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी सहमत हो तो यह उत्तर भारत का सबसे व्यस्त और आधुनिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर साबित होगा।
पर्यटन और प्रॉपर्टी मार्केट में आएगा बड़ा उछाल Namo Bharat Train
इस प्रोजेक्ट के शुरू होते ही सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि मेरठ से ऋषिकेश के बीच कनेक्टिविटी सुधरने से हरिद्वार और ऋषिकेश में हॉलिडे होम्स और सर्विस अपार्टमेंट की मांग में 200 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
रुड़की जैसे एजुकेशन हब में छात्रों के लिए हाउसिंग और पीजी के विकल्प बढ़ेंगे। मोदीपुरम का इलाका एक कमर्शियल सेंटर के रूप में उभरेगा, क्योंकि यह दिल्ली और हरिद्वार रूट का स्थल होगा।
देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो का भी विकल्प Namo Bharat Train
बैठक के दौरान केवल रैपिड रेल ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भीतर भी शहरी यातायात को सुधारने पर चर्चा हुई। सीएम धामी ने देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखा है।
सरकार की कोशिश है कि हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए मेट्रो या नमो भारत जैसा कोई स्थायी समाधान जल्द निकाला जाए। इस प्रोजेक्ट से न केवल चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी सफर सुगम और प्रदूषण मुक्त हो जाएगा।

