Labour Salary Increase Haryana: हरियाणा में सरकार द्वारा श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे है जिसके चलते अब सरकार द्वारा चंडीगढ़ में बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अब न्यूनतम मजदूरी के नए सैलाब पर मोहर लगा दी है। जिसके चलते अब लाखों मजदूरों को इससे लाभ मिलेगा। Labour Salary Increase Haryana

श्रम मंत्री अनिल विज की मौजूदगी में इस नए फैसले पर मोहर लगा दी गई है। जिसके चलते मजदूरों के वेतन में सीधा 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। सरकार के इस नए फैसले से महंगाई की मर से मजदुर बच सकेंगे जिसके चलते आर्थिक दबाव कम होगा। सरकार ने इस फैसले को 1 अप्रैल से ही लागु करने का फैसला किया है।
किस श्रेणी में कितनी बढ़ी मजदूरी Labour Salary Increase Haryana
नई दरों के लागू होने के बाद अब सबसे निचले पायदान यानी अकुशल मजदूरों को 11,257 रुपये के मुकाबले 15,220 रुपये प्रति माह मिलेंगे। वहीं, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 रुपये से बढ़कर अब 16,780 रुपये हो जाएगा। जो मजदूर कुशल श्रेणी में आते हैं, उन्हें अब 13,704 रुपये की जगह 18,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। सबसे बड़ा लाभ अति-कुशल श्रेणी के श्रमिकों को मिला है, जिनका वेतन 14,389 रुपये से सीधे 19,425 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
देश का अग्रणी राज्य बना हरियाणा Labour Salary Increase Haryana
श्रम मंत्री अनिल विज ने इस फैसले के बारे में जानकरी देते हुए बताया की हरियाणा ही देश का पहला ऐसा राज्य है जहां श्रमिकों के वेतन में एकदम से इतनी ज्यादा बढ़ोतरी की है। विज ने यह भी कहा की हमारी सरकार का मूल मंत्र ही अंत्योदय है। Labour Salary Increase Haryana
उन्होने कहा कि हम चाहतें है कि विकास की चमक केवल बड़े उद्योगों तक ही न रह जाए, बल्कि उस उद्योग की नीव को रखने वाले भी उस विकास में शामिल हो। श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है जिसके चलते यह वेतन वृद्धि हुई है।
एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पर लगी मुहर
यह वेतन में वृद्धि एकदम से नहीं की गई है बल्कि इसके पीछे आर्थिक विश्लेषण काफी गहनता से किया गया है। एक्सपर्ट कमेटी ने बाजार की मौजूदा स्थितियों, महंगाई दर और श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। कैबिनेट ने इस रिपोर्ट को जस का तस स्वीकार करते हुए मजदूरों के हक में फैसला सुनाया। इस निर्णय से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को फायदा होगा, बल्कि निर्माण और अन्य क्षेत्रों से जुड़े दिहाड़ी कामगारों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

