Khatu Shyam bus service: हरियाणा रोडवेज ने खाटू श्याम धाम जाने वाले यात्रियों के लिए नई बस सर्विस शुरू की है। यह बस सिरसा से हिसार की तरफ जाते हुए राजस्थान में खाटू श्याम मंदिर पहुंचेगी। रोडवेज की और से बस का सही रूट और समय निर्धारित कर दिया गया है।
जिसके चलते यात्रियों को सीधे खाटू श्याम मंदिर तक बस सुविधा मिलेगी। यह उन श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात है जिन्हें खाटू श्याम मंदिर जाने के लिए बार बार बस बदलने की आवश्यकता पड़ती है। लेकिन अब एक ही बस में बैठकर सीधे खाटू श्याम मंदिर पंहुचा जा सकेगा।
खाटू श्याम मंदिर क्यों है खास Khatu Shyam bus service

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहाँ भगवान कृष्ण के अवतार माने जाने वाले बाबा श्याम भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। हर वर्ष लाखो श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने के लिए आते है। यहाँ खासकर फाल्गुन मेले में सबसे ज्यादा भीड़ लगती है। जिसके चलते हरियाणा से भी बड़ी संख्या में लगतार लोग यहाँ आते है। Khatu Shyam bus service
नई बस सेवा का रूट और प्रमुख स्टॉप
यह बस सेवा हरियाणा और राजस्थान के कई प्रमुख शहरों से होते हुए खाटू श्याम तक जाएग। इसके मुख्य रूट कुछ इस प्रकार है इसमें – सिरसा, डिंग मोड़, फतेहाबाद, अग्रोहा मोड़, हिसार, सिवानी, राजगढ़, चूरू,फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, सीकर, खाटू श्याम धाम शामिल है। Khatu Shyam bus service
खाटू श्याम जाने का पूरा टाइम टेबल
सिरसा से प्रस्थान समय से लेकर खाटू श्याम जाने का पूरा शेडूल कुछ इस प्रकार है इसमें सिरसा से दोपहर 12:15 बजे और फतेहाबाद से दोपहर 1:05 बजे बस सेवा जाएगी इसके अलावा अग्रोहा मोड़ से दोपहर 1:30 बजे और हिसार से दोपहर 2:27 बजे तक पहुंच जाएगी इसके बाद राजगढ़ से शाम 4:25 बजे और चूरू से शाम 5:50 बजे, फतेहपुर से शाम 6:50 बजे, लक्ष्मणगढ़ से शाम 7:50 बजे, सीकर से रात 8:10 बजे, जबकि अंत में खाटू श्याम पहुंचने का समय रात 9:00 बजे तक पहुंच जाएगी।
वापसी यात्रा का समय
खाटू श्याम से वापसी के समय सुबह 8:40 बजे से बस चलेगी और सीकर से सुबह 10:00 बजे और फिर लक्ष्मणगढ़ से सुबह 10:40 बजे फिर फतेहपुर से सुबह 11:00 बजे और चूरू से दोपहर 12:00 बजे, राजगढ़ से दोपहर 1:10 बजे, सिवानी से दोपहर 2:00 बजे, हिसार पहुंचने का समय दोपहर 2:35 बजे है। Khatu Shyam bus service
यह नई बस सेवा से यात्रियों को काफी लाभ होगा। एक ही बस से सीधा मंदिर तक यात्रा संभव इसके साथ ही समय और पैसे की बचत होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होने के साथ ही बुजुर्ग और परिवार के साथ यात्रा करना आसान होगा।

