Haryana Panchayat News: हरियाणा सरकार की और से सरपंच और पंचों को मानदेय देने के लिए नई पहल शुरू की है। इस नई व्यवस्था में अब डिजिटल प्रणाली लागु की जाएगी। जिसके चलते हरियाणा के करीब 6188 सरपंच और करीब 59619 पंचों को मासिक मानदेय अब सीधे खाते में डाला जाएगा।
यह नई व्यवस्था 24 अप्रैल से राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के दिन से लागु करने की तैयारी चल रही है। सरकार के मुताबिक अब पंचायत प्रतिनिधियों का भुगतान समय पर हो सकेगा। जिसके चलते पारदर्शी भी होगा और प्रशासनिक प्रक्रिया भी आसान होगी।
पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नई डिजिटल भुगतान व्यवस्था Haryana panchayat news

पंचायत प्रतिनिधियों के लिए अब नई डिजिटल भुगतान प्रकारिया के लागु होने से यह प्रक्रिया और भी आधुनिक हो जाएगी। जिसके चलते अब मानदेय सीधे खाते में आएगा। जिसके चलते अब न तो भुगतान में देरी होगी और कागजी प्रक्रिया से भी छुटकारा मिलेगा जिससे कई समस्याओं का समाधान होगा। इस नई व्यवस्था के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के खाते की जानकारी सरकारी पोर्टल पर अपडेट की जाएगी जिसके चलते भुगतान प्रक्रिया पूर्ण रूप से डिजिटल होगी।
2012 में शुरू हुई थी मानदेय व्यवस्था
जानकारी के लिए बता दें कि पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय व्यवस्था 2012 में शुरू की गई थी। जिसके चलते यह मांग उठाई गई की जब संसद और विधयक को मानदेय मिलता है तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी मिलना चाहिए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए उस समय पहली बार मानदेय तय किया। Haryana panchayat news
उस समय तय राशि Haryana panchayat news
सबसे पहले सरपंचो के लिए करीब 2000 रुपये प्रति माह मानदेय राशि तय की गई थी और पंच के लिए लगभग 600 रुपये प्रति माह मानदेय राशि तय की गई थी। समय के साथ यह राशि बढ़ाई गई।
समय के साथ बढ़ा मानदेय
पिछले कुछ वर्षों में पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में कई बार संशोधन किया गया है। जो सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस प्रकार है इसमें वर्ष 2015 में सरपंच का मानदेय 3000 रुपये किया गया था जबकि पंच का मानदेय 1000 रुपये तय किया गया था इसके बाद वर्ष 2023 के बाद सरपंच को 5000 रुपये प्रति माह और पंच को लगभग 1600 रुपये प्रति माह दिया जा रहा है।
बैंक खाते में सीधे आएगा पैसा
नई प्रणाली लागू होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों को अब भुगतान के लिए अलग से प्रक्रिया पूरी नहीं करनी होगी। सरकार के निर्देश के अनुसार अब सभी सरपंच और पंचों के बैंक खाते की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी जिसके चलते पंचायत विभाग को 20 मार्च तक खाते से जुड़े दस्तावेज जमा कराने को कहा गया है और इसके बाद मानदेय सीधे बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजा जाएगा। इससे भुगतान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रहेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

