एकता क्रांति न्यूज। प्रदेश में हिसार, पानीपत, रेवाड़ी, अंबाला समेत कई जिलों में ई-बसें (Jind news) चल रही हैं लेकिन जींद डिपो अभी भी ई-बसों से वंचित है। इलेक्ट्रिक बसों को लेकर हरियाणा जींद डिपो को अभी इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि डिपो अधिकारियों ने दस इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड मुख्यालय को भेजी हुई है।
पिछले दिनों मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पानीपत, पंचकूला, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर में चलने वाली 80 बसों को हरी झंडी देकर रवाना किया था। ऐसे में पानीपत से सफीदों रूट पर भी एक इलेक्ट्रिक बस दौड़ रही है, जिसमें पानीपत से सफीदों का किराया 60 रुपये है। हालांकि अभी तक जींद डिपो को इलेक्ट्रिक बस नहीं मिली है। इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए पुराना बस स्टैंड पर चार्जिंग प्वाइंट बनाया जा सकता है। इलेक्ट्रिक बसों में शोर कम होता है और वायु प्रदूषण से भी निजात मिल सकती है।
Jind news : जींद डिपो में 165 बसें लेकिन ई बस एक भी नहीं
इस समय जींद डिपो में रोडवेज बसों की संख्या 165 है, जिसमें किलोमीटर स्कीम की 37 बस शामिल हैं। वहीं 10 एसी बस भी हैं, जो चंडीगढ़ व गुरुग्राम जैसे लंबे रूट पर दाैड़ रही है। वहीं इलेक्ट्रिक बस आने पर इन्हें शहर के अलग-अलग रूट पर चलाया जाएगा, जिससे आटो व ई रिक्शा चालकों की अपेक्षा में बस में कम किराया लगेगा। हालांकि पहले भी शहर के लोग पुराना बस स्टैंड से पहले भी कैथल, नरवाना, हांसी, बरवाला जैसे लोकल रूट की बसों का संचालन करने की मांग करते आ रहे हैं।
यात्रियों को पांडू पिंडारा स्थित बस स्टैंड से लेकर रेलवे जंक्शन पर आने-जाने के लिए एक तरफ का किराया 20 रुपये लगता है। कई बार यात्रियों को थोड़ी दूरी पर ही जाना होता है तो भी यात्रियों को 20 रुपये किराया देना पड़ता है। बस स्टैंड से लेकर रेलवे जंक्शन के बीच यात्री मुख्य रूप से लघु सचिवालय, नागरिक अस्पताल, पुराना बस स्टैंड, रानी तालाब, एसडी स्कूल, सफीदों गेट, बत्तख चौक, रुपया चौक, सब्जी मंडी मोड़, पटियाला चौक जैसे मुख्य जगहों से आटो व ई रिक्शा यात्री पकड़ते हैं।
Jind news : गुलाबी बसें चलाई थी सिटी बस के रूप में
जब नया बस स्टैंड शुरू हुआ था तो थोड़े दिन पिंक बसों को सिटी बस सर्विस के रूप में लगाया गया था, जिसमें यात्रियों के लिए अलग-अलग स्टाप के लिए 10 से लेकर 20 रुपये तक किराया निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में इन बसों को अब दूसरे रूट पर चलाया जा रहा है। जब इलेक्ट्रिक बस डिपो में आएंगी तो यात्रियों को शहर के अंदर आने-जाने के लिए इन बसों में फायदा हो सकता है, लेकिन इसके लिए अभी यात्रियों को इंतजार करना पड़ सकता है।
जींद डिपो से मुख्यालय के पास 10 इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड भेजी गई थी। अभी डिपो में कोई इलेक्ट्रिक बस नहीं आई है। जैसे ही इलेक्ट्रिक बस आएंगी तो उनके चार्जिंग प्वाइंट भी निर्धारित किए जाएंगे और उन्हें यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग रूट पर चलाया जाएगा।
–राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक जींद डिपो



