LPG booking rules: देशभर में कमर्शियल और घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। इसी के चलते सिलेंडर कंपनी ने भी बुकिंग से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किया है। जिसके चलते सिलेंडर की बुकिंग के लिए ग्राहक को और अधिक समय का इंतजार करना पड़ेगा।
7 मार्च से ही नई दरें लागु हो चुकी है जिसके चलते 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है जबकि 19 किलो वाले सिलेंडर में करीब 115 रुपये तक की वृद्धि हुई है। अब नए नियम के चलते उपभोगता को पहले से जायदा दिनों के अंतर में सिलेंडर मिलेगा।
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी LPG booking rules

जैसे की पहले भी बताया गया है कि नई कीमतों के अनुसार घरेलू 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत में लगभग 60 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। LPG booking rules
जिसके चलते कुछ शहरो में सिलेंडर की कीमत कुछ इस प्रकार है इसमें दिल्ली में लगभग 913 रुपये का मिलता है और मुंबई में करीब 912.50 रुपये जबकि चेन्नई में लगभग 928.50 रुपये का मिलता है। यह वृद्धि सीधे तौर पर घरेलू बजट पर असर डाल सकती है, क्योंकि रसोई गैस आम परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर भी हुआ महंगा LPG booking rules
जानकारी के मुताबिक 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में भी बढ़ोतरी की गई है। यह सिलेंडर मुख्य रूप से होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में उपयोग किया जाता है। इसकी नई कीमतें अलग अलग शहरों में इस प्रकार है इसमें दिल्ली में करीब 1883 रुपये है जबकि मुंबई में लगभग 1835 रुपये और कोलकाता में लगभग 1990 रुपये का है। वही चेन्नई में लगभग 2043.50 रुपये का मिलता है। LPG booking rules
सिलेंडर बुकिंग नियमों में भी बदलाव
तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में भी परिवर्तन किया है। जिसके चलते अब नई व्यवस्था के अनुसार एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद तुरंत अगली बुकिंग संभव नहीं होगी इसके लिए उपभोक्ता को अगली बुकिंग के लिए लगभग 21 से 25 दिन का इंतजार करना होगा और अलग अलग तेल कंपनियों का बुकिंग अंतराल थोड़ा अलग हो सकता है इसके लिए ग्राहक ने 4 तारीख को सिलेंडर बुक किया और 5 तारीख को डिलीवरी मिल गई तो अगली बुकिंग लगभग तीन से चार सप्ताह बाद ही की जा सकेगी।
क्यों किया गया बुकिंग नियमों में बदलाव
बुकिंग नियमों में बदलाव के पीछे कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं इसमें गैस सिलेंडर की अनावश्यक जमाखोरी रोकना और वितरण प्रणाली को संतुलित बनाना के अलावा सभी उपभोक्ताओं तक समय पर गैस पहुंचाना इससे गैस वितरण नेटवर्क को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकता है।

