Dhurandhar Sarpanch : महिला सरपंचों को धुरंधर सरपंच की ट्रेनिंग देंगे सुनील जागलान

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Dhurandhar Sarpanch : पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम सशक्त पंचायत महिला नेत्री अभियान में बुधवार को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रशिक्षण सत्र भारत के पंचायत मंत्री ललन सिंह, सचिव विवेक भारद्वाज, अपर सचिव सुशील लोहानी की लीडरशिप में आयोजित होने जा रहा है। इस अभियान के तहत बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान द्वारा तैयार किया गया धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम देशभर के सरपंचों, विशेषकर महिला सरपंचों को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण के रूप में शामिल किया गया है।

कौन है सुनील जागलान ? (Dhurandhar Sarpanch)

सुनील जागलान वर्ष 2010 से 2015 तक बीबीपुर गांव के सरपंच रहे और इस दौरान उन्होंने महिलाओं व बालिकाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य किए। सुनील जागलान ने बताया कि धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम विशेष रूप से सरपंच पति की कुरीति (जिसमें पति सरपंच की पत्नी के नाम पर पंचायत चलाते हैं) को समाप्त करने, महिला सरपंचों को वास्तविक नेतृत्व प्रदान करने और गांवों को महिला एवं बालिका हितैषी बनाने पर केंद्रित है।

Dhurandhar Sarpanch: Sunil Jaglan will train women Sarpanches to be Dhurandhar Sarpanchs
Dhurandhar Sarpanch: Sunil Jaglan will train women Sarpanches to be Dhurandhar Sarpanchs

 

कार्यक्रम का क्या है उद्देश्य ? (Dhurandhar Sarpanch)

इस कार्यक्रम के माध्यम से सरपंच संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक- आर्थिक समझ, बाजार की बारीकियों, प्रेस व संचार के उपयोग और प्रभावी ग्राम विकास योजनाओं पर प्रशिक्षित होंगे। पंचायती राज मंत्रालय अब महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को विकसित भारत के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है। पूर्व में 2010 से 2015 की तुलना में आज मंत्रालय महिला सरपंचों को सशक्त करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।

देशभर में दे रहे हैं ट्रेनिंग (Dhurandhar Sarpanch)

यह राष्ट्रीय कार्यशाला देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से आए सरपंचों को एक मंच पर लाएगी। जहां वे धुरंधर सरपंच बनने की दिशा में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। दिसंबर से सुनील जागलान देशभर में इस कार्यक्रम की ट्रेनिंग दे रहे हैं। जिससे ग्रामीण स्तर पर लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जागलान का मानना है कि सशक्त महिला नेतृत्व ही विकसित भारत का आधार बनेगा। यह कार्यक्रम न केवल सरपंच पति प्रथा जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने में सहायक होगा, बल्कि गांवों को समावेशी, समृद्ध एवं न्यायपूर्ण बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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